Gurgaon News: बिजली चोरी पर लगे 19.84 लाख के जुर्माने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
Gurgaon News: गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। बिजली चोरी के मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने के खिलाफ अदालत पहुंचे एक फैक्ट्

Gurgaon News: गुरुग्राम, गौरव चौधरी। बिजली चोरी के मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने के खिलाफ अदालत पहुंचे एक फैक्ट्री मालिक को बड़ा झटका लगा है। जिला अदालत ने 19.84 लाख रुपये के जुर्माने को रद्द करने की मांग वाली याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। यह महत्वपूर्ण आदेश सिविल जज शिवानी गर्ग की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और पेश किए गए सबूतों को ध्यान में रखते हुए सुनाया।
याचिका का विवरण
सेक्टर-15 पार्ट-दो के रहने वाले तारकेश्वर यादव ने अदालत में याचिका दायर कर बिजली निगम की कार्रवाई को चुनौती दी थी। तारकेश्वर यादव के अनुसार, कादीपुर क्षेत्र में उनकी एक पैकेजिंग सामग्री बनाने की फैक्ट्री है। एक फरवरी 2018 को बिजली निगम के कुछ कर्मचारी उनकी फैक्ट्री में आए और पुराने बिजली मीटर को हटाकर उसकी जगह नया मीटर लगा दिया। याचिकाकर्ता का आरोप था कि इसके अगले ही दिन निगम के कर्मचारियों ने उन्हें दो नोटिस थमा दिए, जिनमें उन पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए 19.84 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोक दिया गया था। उन्होंने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की अपील की थी।
बिजली निगम का पक्ष
बिजली निगम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने याचिकाकर्ता के दावों को खारिज करते हुए अदालत के सामने जांच रिपोर्ट और तथ्य प्रस्तुत किए। निगम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पहली नजर में ही मीटर की सील और उसकी आंतरिक संरचना के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई गई थी। नियम के अनुसार, उतारे गए मीटर को जांच के लिए मान्यता प्राप्त लैब भेजा गया। लैब रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह साबित हुआ कि मीटर के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की गई थी ताकि बिजली की खपत कम दर्ज हो सके।
अदालत का फैसला
निगम ने अदालत को अवगत कराया कि सिर्फ जुर्माना ही नहीं लगाया गया, बल्कि बिजली चोरी के इस गंभीर अपराध पर संबंधित थाने में उपभोक्ता के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
सिविल जज शिवानी गर्ग की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि बिजली निगम ने पूरी प्रक्रिया का पालन किया है और लैब रिपोर्ट से बिजली चोरी की पुष्टि होती है। अदालत ने माना कि बिजली निगम द्वारा लगाया गया जुर्माना पूरी तरह से वैध है।
अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को अनुचित ठहराते हुए केस को रद्द कर दिया, जिससे अब उपभोक्ता को बिजली निगम द्वारा लगाया गया जुर्माना भरना पड़ेगा।
सामान्य प्रश्न
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