DA Image
22 नवंबर, 2020|11:25|IST

अगली स्टोरी

निगम की कूड़े से खाद बनाने की योजना धड़ाम

निगम की कूड़े से खाद बनाने की योजना धड़ाम

नगर निगम की कूड़े से खाद योजना एक बार फिर दम तोड़ती नजर आ रही है। योजा के तहत शहर के छह स्थानों पर छोटे-छोटे कंपोस्ट (खाद) प्लांट लगाए गए थे, ताकि उस इलाके के पेड़ों की पत्तियों से लेकर घरों से कूड़ा एकत्र करके उसे खाद बनाने से लेकर प्रयोग किया जाए। जबकि अब स्थिति ये है कि सिर्फ एक जगह पर कंपोस्ट प्लांट चालू है, बाकी जगहों पर यह बंद पड़े है।

कूड़े से खाद बनाने के लिए नगर निगम ने सेक्टर-15 पार्ट-1 व 2 के सामुदायिक केंद्र, कमला नेहरू पार्क, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-7 एक्सटेंशन के पार्क में कूड़े से खाद बनाने का प्लांट लगाए गए थे। निगम ने वर्ष 2013 में एक प्लांट पर दस-दस लाख रुपये खर्च किए थे। घरों से गीला सूखा कूड़ा एकत्र करके इन प्लांटो के माध्यम से खाद बनाए जाने थे। सिर्फ सेक्टर-15 पार्ट-1 के पार्क में लगे प्लांट चालू है। यहां पर सवा क्विंटल खाद बनाई जाती है। वह भी सेक्टर-57 से कूड़ा ले आकर खाद बनाई जा रही है। खाद बनाने के बाद यहां से सेक्टर में गाड़ी से पहुंचाई जाती है। मात्र दो कर्मचारी काम करते हैं।

कर्मियों के लिए खोल दिया

सेक्टर-15 पार्ट-2 में ढांचा बनाने के बाद मशीनें नहीं लगाई गई। यहां पर कर्मियों को रहने के लिए खोल दिया गया है। उसके सामने मलबा डाला गया है। जिससे यहां पर दूसरा कोई काम नहीं हो सका। यहां पर ट्रैक्टर, टैंकर आदि खड़े किए जाते हैं। लेकिन सेक्टर के घरों से कूड़ा नहीं उठाए गए और नहीं खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू हो पाई।

छह महीने से डीएलएफ का बंद है:

डीएलएफ फेज-1 में लगाए गए कूड़े से खाद बनाने का प्लांट बंद पड़ा है। इस एरिया का कूड़ा भी नहीं उठाए जा रहे हैं। यहां पर काम करने वाले कर्मियों को वेतन नहीं मिला तो वह काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में निगम की तरफ से कभी ध्यान नहीं दिया गया। एच ब्लाक के आरडब्ल्यूए प्रधान राहुल चंडोला ने कहा कि कर्मियों के नहीं होने से प्लांट बंद पड़ा है।

कमला नेहरू पार्क ही बंद मिला:

सदर बाजार के पास बने कमला नेहरू पार्क रविवार को बंद मिला। काम करने वाले कर्मियों ने कहा कि कूड़े से खाद बनाने का प्लांट का नामोनिशान नहीं है। कभी यहां पर खाद नहीं बनाई गई। हालांकि पार्क में प्लांट लगाने का उद्देश्य यह था कि पेड़ों से निकलने वाली पत्तियों का खाद बनाकर यहीं पर प्रयोग करना था। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।

स्वच्छता रैंकिंग पर आएगा असर

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से गाइड लाइन जारी कर कचरे से खाद बनाने के निर्देश जारी किए थे। इसी के तहत निगम ने कूड़े से खाद बनाने का प्लांट लगाया था। योजना सिरे नहीं चढ़ने से शहर की स्वच्छता रैंकिंग असर पड़ेगा। जनवरी में रैंकिग की दौड़ में गुरुग्राम शहर भी शामिल होगा। कंपोस्ट प्लांट लगाने के अंक भी निर्धारित किए गए हैं। जनवरी 2020 में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र की टीम गुरुगाम का दौरा करेगी। कंपोस्ट प्लांट योजना सुचारू नहीं चलने से स्वच्छता रैंकिंग में शहर पिछड़ सकता है। वैसे भी बंधवाड़ी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी 2013 से खराब पड़ा है।

शहर के लिए कूड़े की सबसे गंभीर समस्या:

कूड़ा शहर के लिए सबसे गंभीर समस्या है। अभी शहर से करीब एक हजार टन रोज कूड़ा निकल रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बंद होने से अभी तक कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसी वह से प्लांट में हजारों टन कूड़ा जमा हो चुका है। आसपास रहने वाले व राहगीरों के लिए यह बड़ी समस्या बन रहा है। इससे पर्यावरण भी दूषित हो रहा है। इसी वजह से निगम कूड़े के समस्या के निस्तारण को लेकर बेहद गंभीर नहीं है।

जमीनी स्तर पर नहीं हुआ कार्य:

नगर निगम ने घरों में रसोई घर से निकले वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखने के लिए योजना बनाई थी। लेकिन अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं किया। जबकि ग्रीन बंधु कंपनी की ओर से कंपोस्ट प्लांट लगाया था। प्लांट के लिए निगम अधिकारियों को लोगों को घरों में जाकर जागरूक नहीं किया।

निगम के बागवानी शाखा कूड़े से खाद बनाने का प्लांट की देखरेख करती है। बंद है तो इसकी रिपोर्ट संबंधित कार्यकारी अभियंता से ली जाएगी। इसके बाद कोई कार्रवाई होगी।

रमन शर्मा, मुख्य अभियंता नगर निगम

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Corporation plans to make manure from garbage