Hindi NewsNcr NewsGurgaon NewsConsumer Court Orders Compensation for Unfair Carry Bag Charges in Gurugram
कैरी बैग के रुपये लेने पर मुआवजा देने के आदेश

कैरी बैग के रुपये लेने पर मुआवजा देने के आदेश

संक्षेप:

गुरुग्राम में दो कंपनियों को ग्राहकों से कैरी बैग के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर कुल 52 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया। आयोग ने कहा कि सामान खरीदने के बाद अलग से कैरी बैग के लिए शुल्क लेना अनुचित है। कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Dec 02, 2025 11:31 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। कैरी बैग (थैले) के लिए ग्राहकों से शुल्क वसूलना दो कंपनियों को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए दो ग्राहकों को मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के रूप में कुल 52 हजार का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सामान खरीदने के बाद कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क लेना अनुचित व्यापार और व्यवहार है। सेक्टर-56 निवासी हरीश ने आयोग में याचिका दायर कर बताया कि उन्होंने 10 मई 2024 को दुआ लिमा के स्टोर से एक हजार 647 का सामान खरीदा था। इसके लिए उनसे कैरी बैग के रूप में 18 लिए गए थे।

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इस मामले में कंपनी की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। आयोग के सदस्य खुशविंदर ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता हरीश को कैरी बैग के लिए गए 18 रुपये की राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ तुरंत वापस करे। इसके अलावा ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 15 हजार का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के रूप में 11 हजार भी देने का आदेश दिया गया। इस तरह कुल 26 हजार रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह के दूसरे मामले में सेक्टर-14 निवासी रविंद्र जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2025 को सेक्टर-102 स्थित रेट टेप स्टोर से सामान खरीदा था और उनसे कैरी बैग के लिए 15 का शुल्क लिया गया था। इस मामले में भी कंपनी बचाव के लिए कोई दलील नहीं दे पाई। आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने कंपनी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता रविंद्र जैन को 15 हजार का मुआवजा दे। साथ ही, कानूनी कार्यवाही के खर्च के तौर पर 11 हजार भी अदा करने होंगे। दोनों ही मामलों में आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ग्राहकों को जबरन कैरी बैग खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, और ऐसा करने वाली कंपनियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।