
सर्वाइकल कैंसर से बचाव पर जोर
- शहर में एचपीवी-डीएनए स्क्रीनिंग व प्रशिक्षण कार्यक्रम सर्वाइकल कैंसर से बचाव पर जोर सर्वाइकल कैंसर से बचाव पर जोर
गुरुग्राम। सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर राष्ट्रीय कैंसर संस्थान एम्स के प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग और स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम की ओर से सर्वाइकल कैंसर जागरूकता, प्रशिक्षण व स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से समुदाय स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान और रोकथाम को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसे समय रहते जांच और सही जानकारी के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता है। अर्ली डिटेक्शन और नियमित स्क्रीनिंग से इससे होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। ऐसे में स्टाफ नर्स, एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) और आशा कार्यकर्ता समुदाय में जागरूकता फैलाने, स्क्रीनिंग, रेफरल और फॉलो-अप देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम के तहत इन स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूकता सत्रों के साथ-साथ स्क्रीनिंग की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों की स्वयं एचपीवी-डीएनए जांच भी की गई, जिससे उन्हें जांच प्रक्रिया की सरलता और सुरक्षा का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। इससे वे अपने कार्यक्षेत्र में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग के लिए अधिक प्रभावी ढंग से प्रेरित कर सकेंगे। इस दौरान प्रतिभागियों के लिए एचपीवी-डीएनए जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित डॉ. नीरजा भाटला, एनसीआई-एम्स के डॉ. हरि सागी राजू, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु, डॉ. प्रदीप, डॉ. प्रिया शर्मा समेत अन्य लोग उपस्थिति रहे।

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