लापरवाही: कम बजट में अटका रिपोर्ट कार्ड प्लान

Apr 06, 2026 11:20 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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- गुरुग्राम के 8 पीएमश्री स्कूलों में 8000 छात्रों का समग्र मूल्यांकन अधूरा लापरवाही: कम बजट में अटका रिपोर्ट कार्ड प्लान

लापरवाही: कम बजट में अटका रिपोर्ट कार्ड प्लान

गुरुग्राम। शिक्षा विभाग की एक अहम योजना गुरुग्राम में बजट की कमी के कारण अधूरी रह गई। पीएमश्री स्कूलों के छात्रों के लिए समग्र रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन बेहद कम बजट मिलने के चलते स्कूल इन रिपोर्ट कार्ड को तैयार ही नहीं कर पाए। अब स्थिति यह है कि जारी किया गया बजट भी लैप्स हो चुका है और इसे वापस भेजा जा रहा है, जिससे हजारों छात्र अपने निर्धारित समग्र रिपोर्ट कार्ड से वंचित रह गए। गुरुग्राम में पीएमश्री योजना के तहत कुल 8 स्कूलों में कक्षा पहली से 12वीं तक के 8789 छात्रों के लिए समग्र रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जाने थे।

इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा कुल 1,31,835 रुपये का बजट जारी किया गया, जो प्रति छात्र महज 15 रुपये बैठता है। जबकि बाजार दर के अनुसार रंगीन रिपोर्ट कार्ड तैयार करने पर कुल खर्च लगभग 13 लाख रुपये तक आंका जा रहा है। इस प्रकार वास्तविक लागत और जारी बजट के बीच करीब 11 से 12 लाख रुपये का भारी अंतर सामने आया, जिसके चलते स्कूल इस कार्य को पूरा नहीं कर सके। वहीं प्रदेश स्तर पर स्थिति और भी व्यापक है। हरियाणा के 250 पीएमश्री स्कूलों में कुल 1,55,403 छात्रों के लिए 23.31 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था, लेकिन बजट की कमी और समय पर उपयोग न होने के कारण 23.21 लाख रुपये स्कूलों द्वारा सरेंडर किया जा रहा है।स्कूलों का कहना है कि इतने कम बजट में रंगीन और निर्धारित प्रारूप के अनुसार रिपोर्ट कार्ड तैयार करना संभव नहीं था। यदि वे यह काम करते, तो उन्हें अपनी जेब से बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती, जो किसी भी सरकारी स्कूल के लिए व्यवहारिक नहीं है। ऐसे में अधिकांश स्कूलों ने इस कार्य को टाल दिया। मामला तब और जटिल हो गया जब यह बजट समय पर उपयोग नहीं हो सका। विभाग की ओर से जारी राशि अब लैप्स हो चुकी है और स्कूलों द्वारा इसे वापस भेजा जा रहा है। इसका सीधा असर छात्रों पर पड़ा है, जिनके समग्र मूल्यांकन रिपोर्ट कार्ड तैयार होने थे, वे अब अधूरे रह गए हैं।सर्व शिक्षा अभियान विभाग के असिस्टेंट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सत्यनारायण यादव ने बताया कि यह फंड 27 मार्च को जारी किया गया था, जबकि शैक्षणिक सत्र लगभग समाप्त हो चुका था। ऐसे में स्कूलों को इसे खर्च करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि यह बजट पिछले सत्र का था, इसलिए तकनीकी रूप से यह लैप्स हो गया और इसे वापस भेज दिया गया। समय और बजट दोनों की कमी के कारण यह स्थिति बनी।इस बार पहली बार छात्रों के लिए हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड सिस्टम जारी किया जाना था लेकिन वह नहीं बन पाया। ऐसे में स्कूलों की ओर से फिर सामान्य तौर पर ही छात्रों को यह रिपोर्ट कार्ड दिए गए। जबकि पहले यह कलर्ड कार्ड तैयार किए जाने थे।साक्षी रावत

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