
बैंकों में दस साल से बाद बीस खाता धारकों को 15 लाख लौटाया
-सिविल लाइंस के जॉन हॉल में विशेष जागरुकता शिविर लगाया गया -41 बैंकों में 4,14,849 खातों में 218.64 करोड़ रुपये की राशि जमा
गुरुग्राम। सिविल लाइंस के जॉन हाल में विशेष जागरुकता शिविर में शुक्रवार को दस साल बाद बैंकों ने 20 खाता धारकों के 15 लाख रुपये लौटाए गए। जिले के 41 बैंकों के 414849 खातों में 218.64 करोड़ रुपये की राशि जमा है। जो पिछले दस वर्षों से खातों में लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। खाता धारकों की मृत्यु, भूलवश या अन्य कारणों से बैंकों में लंबे समय से खाते बंद थे। अब इन खातों में जमा पैसो को उनके परिजनों को बैकों की ओर से लौटाने शुरू कर दिए गए हैं। ग्राहकों ने प्रश्नों और दावों के बारे में सवाल किए: अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय केनरा बैंक की ओर से निस्तारण के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) भारत सरकार की ओर से 01 अक्तूबर से 31 दिसंबर 2025 तक लगाए जाएंगे। इस विशेष अभियान आपकी पूंजी-आपका अधिकार का एक महत्वपूर्ण भाग था। शिविर में गुरुग्राम जिला की विभिन्न बैंकों के 50 से अधिक बैंक प्रतिनिधि, एसएलबीसी की ओर से मुख्य अतिथि अनिरुद्ध प्रताप सिंह, केनरा बैंक सहायक महाप्रबन्धक आरएस सिंह, बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक राजेश शर्मा, एलडीएम गुरुग्राम विनोद कुमार बजाज, भारतीय जीवन बीमा निगम प्रतिनिधि, सेबी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्राहक भी पहुंचे। उन्होंने अपने खातों संबंधी प्रश्नों और दावों के निस्तारण के लिए विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों से सीधा संवाद किया। पहले 8.17 करोड़ राशि वापस किए जा चुक हैं: एलडीएम गुरुग्राम विनोद कुमार बजाज ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य लोगों को उनकी निष्क्रिय/अवशिष्ट पूंजी की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनकी वैध राशि को शीघ्रता से वापस दिलाना है। शिविर ने वित्तीय समावेशन और ग्राहक हित संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया। इस अभियान के तहत अभी तक गुरुग्राम में बैंकों की ओर से 8.17 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिए जा चुके हैं। बंद खातों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया: अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले 10 वर्ष से अधिक बंद पड़े खातों के अंतर्गत 20 से अधिक ग्राहकों को उनके निस्तारित दावों का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। जिसमें उन्हे 15 लाख से अधिक बंद खातों में जमा की राशि वापस किए गए। यह पहल ग्राहकों के लिए अत्यंत लाभकारी और राहत दायक सिद्ध हुई। शिविर में 01 अक्तूबर से वर्तमान तिथि तक निस्तारित बंद खातों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न बैंकों ने स्थल पर ही दस्तावेज सत्यापन, दावा निस्तारण, प्रमाण-पत्र वितरण, तथा ग्राहक सहायता से संबंधित सेवाएं दी जाती हैं। ग्राहकों ने प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बताया: शिविर में पहुंचे ग्राहकों ने बताया कि सभी बैंक और बीमा कंपनियां एक ही स्थान पर उपलब्ध होने के कारण प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सहज रही। परविंदर यादव ने सभी बैंक प्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। आश्वस्त किया कि बंद खातों में जमा राशि निस्तारण से संबंधित ऐसे शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे। ताकि लोगों की पूंजी सुरक्षित रूप से उनके अधिकार में लौट सके।

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