
एचआईवी और एड्स के प्रति लोगों को जागरूक किया
फरीदाबाद में एचआईवी-एड्स दिवस के अवसर पर बीके अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पहल फाउंडेशन द्वारा ट्रांसजेंडर ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को एचआईवी संक्रमण के बारे में जागरूक किया। डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित सुई के उपयोग से एचआईवी फैलता है।
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। एचआईवी-एड्स दिवस पर बीके अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पहल फाउंडेशन की ओर से ट्रांसजेंडर ने नुक्कड़ नाकट के जरिये लोगों को जागरूक किया। नुक्कड़ नाटक में बताया गया कि एचआईवी संक्रमित के साथ खाने-पीने या उसके कपड़े पहनने से बल्कि उसके साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से होता है। इस दौरान जिला एचआईवी-एड्स एवं टीबी नियंत्रण विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल, डॉ.एमपी सिंह, डॉ. रामभगत, डॉ. राजेश श्योकंद सहित अन्य अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहा। डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि एचआईवी एड्स असुरक्षित यौन संबंध बनाने के अलावा संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की सुई, संक्रमित रक्त चढ़ाने और संक्रमित मां से बच्चे को होने का खतरा रहता है।

उन्होंने बताया कि यदि मां संक्रमित है तो उसके गर्भ पल रहे शिशु को स्वस्थ जीवन दिया जा सकता है। इसके अलावा संक्रमित महिला को गर्भ धारण के बाद कुशल चिकित्सकों की देखरेख में उपचार कराना चाहिए। इसके अलावा गर्भावस्था में ही बच्चे को एचआईवी-एड्स के संक्रमण से बचाने के लिए दवाएं दी जाती है। प्रसव के बाद तीन,छठे,नौ और एक वर्ष का होने पर शिशु की एचआईवी जांच की जाती है। एचआईवी-एड्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है और संक्रमित व्यक्ति जल्दी-जल्दी बीमार होता है। इससे बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति को नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए। दवा लेकर व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है और समाज के स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है।

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