विद्यार्थियों और युवाओं को कानून की जानकारी दी
-डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा बाल विवाह निषेध पर जागरूकता शिविर आयोजित गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बाल विवाह निषेध व

गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बाल विवाह निषेध विषय पर जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर का उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाना तथा आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। जागरूकता शिविर 15 दिवसीय सामाजिक इंटर्नशिप कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर आयोजित किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व डीएलएसए सह-सचिव राकेश कादियान के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को बताया गया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य के अधिकारों का भी हनन करता है।
वक्ताओं द्वारा यह भी बताया गया कि बाल विवाह की सूचना संबंधित विभागों को देकर इसे रोका जा सकता है। पीड़ित बच्चों को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श और जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने तथा बाल विवाह की सूचना तुरंत संबंधित प्राधिकरण को देने के लिए प्रेरित किया गया।
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