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गुड़गांवआशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर जताया रोष

हिन्दुस्तान टीम,गुड़गांवPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 11:50 PM
आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर जताया रोष

रेवाड़ी। स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आशा कार्यकर्ता यूनियन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन की कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। आशा कार्यकर्ता यूनियन की प्रधान राजबाला यादव ने कहा कि आशा कर्मी कोरोना महामारी में अपनी जान हथेली पर रखकर ड्यूटी कर रही हैं, परंतु सरकार उनके प्रति उदासीन बनी हुई है। आशा कर्मियों की मांग है कि उन्हें कॉविड संक्रमण से बचने के लिए मेडिकल उपकरण, मास्क सैनिटाइजर, दस्ताने आदि उपलब्ध करवाए जाए एवं 3 महीने तक 15000 रुपये प्रतिमाह विशेष मानदेय दिया जाए। यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो कार्यकर्ता को 50 लाख रुपए का फ्री इंश्योरेंस किया जाए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन की जिला प्रधान तारा देवी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी सेंटर का किराया भी नहीं दे रही है। आनन-फानन में बिना किसी ट्रेनिंग के तमाम आंगनबाड़ी कर्मियों की कोरोना महामारी में ड्यूटी लगा दी गई है। सरकार उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। स्कीम वर्कर्स को कुशल श्रमिक का दर्जा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार सेंटरों का 6 महीने का बकाया किराया, कर्मियों की तीन महीने की तनख्वाह का भुगतान तुरन्त करे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को कोरोनाकाल में 50 लाख रुपए तक बीमा सरकार करवाये और जिन कर्मियों की इस दौरान दुखद मृत्यु हो गई उनके परिवार को 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी जाए। कोरोना काल में ड्यूटी करने पर कर्मियों को 15 हजार रुपए हर महीने विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए।

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