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गुड़गांव

दो सेक्टर में 76 स्थानों पर बरसाती पानी संचय करने की होगी व्यवस्था

हिन्दुस्तान टीम,गुड़गांवPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 11:10 PM
दो सेक्टर में 76 स्थानों पर बरसाती पानी संचय करने की होगी व्यवस्था

गुरुग्राम। बारिश में सेक्टर में होने वाले जलभराव से जल्द ही लोगों को निजात मिलेगी। सेक्टर-46 और सेक्टर-47 में 76 वर्षा जल संचयन प्रणाली का निर्माण होगा। नगर निगम की ओर से इन सभी के निर्माण पर करीब 2.19 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। निगम की ओर से जल्द ही जलभरावभराव वाले सेक्टरों के स्थानों पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

निगम अधिकारियों के अनुसार शहरी आबादी क्षेत्र में सर्वे कराते हुए ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां जलभराव की स्थिति बारिश के दौरान बनी रहती है। शहर में चयनित किए गए स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली के निर्माण होने के बाद बरसात में जलभराव नहीं होगा। इससे जाम की स्थिति नहीं बनेगी। घरों के अंदर पानी घुसने से लोगों को निजात मिलेगी। बरसाती पानी जमीन के अंदर चला जाएगा। इससे जलस्तर भी बढ़ जाएगा।

आरडब्ल्यूए कर रही थी लंबे से समय मांग

सेक्टर-46 के आरडब्ल्यूए प्रधान राज कुमार यादव ने कहा कि सेक्टर में करीब तीन दर्जन स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाने की जरूरत है। बरसाती पानी निकासी नहीं होती है। पिछले साल जलभराव से एक मकान तक झुक गया था। इस साल हुई बारिश में सेक्टर में जलभराव होने से घरों में पानी घुस गया था। अब जाकर निगम अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया है। कई साल से बारिश पानी निकासी के इंतजाम करने की मांग होती है।

पार्क से लेकर घरों में भरता है पानी

सेक्टर-47 के आरडब्ल्यूए प्रधान सुनील यादव ने कहा कि निचला क्षेत्र होने के कारण हर बारिश में जलभराव होने से पार्कों से लेकर घरों में पानी भरता है। सेक्टर-38, सेक्टर-52 का बरसाती पानी सेक्टर में आकर जमा हो जाता है। इससे जलभराव होने से कई दिनों तक लोगों को समस्या से जूझना पड़ता है। नगर निगम से शिकायत करके लोग थक चुके हैं। अब निगम ने इस पर काम शुरू किया है। करीब 40 स्थानों पर एक से दो फीट तक पानी जमा होता है।

नगर निगम के मुख्य अभियंता टीएल शर्मा ने बताया कि बारिश के दौरान कई सेक्टरों में स्थानों पर जलभराव हो जाता है। स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन जगहों पर बरसाती पानी जमीन के अंदर नहीं जाने से जलभराव की समस्या पैदा होती है। निगम की ओर से वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाने की योजना तैयार हो चुकी है। इन सभी के निर्माण पर करीब दो करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।

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