गुरुग्राम में आवारा डॉग्स के लिए बनेंगे 1800 फीडिंग पॉइंट, 3 एकड़ में शेल्टर भी; जानें निगम का पूरा प्लान
गुरुग्राम के हर वार्ड में डॉग्स के लिए फीडिंग पॉइंट्स बनाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा तीन एकड़ में नया शेल्टर भी बनेगा। इन दो व्यवस्था से आवारा डॉग्स के रखरखाव को लेकर चल रही बहस को थोड़ी लगाम मिल सकती है।

गुरुग्राम के डॉग लवर्स के लिए काफी अच्छी खबर है। गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) शहरभर में डॉग्स के लिए करीब 1,800 फीडिंग पॉइंट्स (जानवरों को खाना खिलाने की जगहों) बनाने जा रही है। यही नहीं आवारा डॉग्स के लिए तीन में शेल्टर भी बनाया जाएगा।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, फीडिंग पॉइंट्स शहर के सभी वार्ड में बनाए जाएंगे जिससे हर डॉग के खान-पान का बेहतरीन इंतजाम हो और उन्हें इधर-उधर सार्वजनिक स्थानों पर न भटकना पड़े। निगम ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद लिया है जिसमें सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर आवारा डॉग्स को खाना खिलाने पर पाबंदी लगाई गई थी। यही नहीं कोर्ट ने हर वार्ड में एक तय जगह पर फीडिंग पॉइंट्स बनाने का भी आदेश दिया था।
फीडिंग पॉइंट्स बनने से क्या फायदा?
अधिकारियों का कहना है कि फीडिंग पॉइंट्स बनने के बाद निवासियों और डॉग्स को खाना खिलाने वालों के बीच किसी तरह की बहस और झगड़े पर भी लगाम लग सकेगी। रिहायशी इलाकों में डॉग लवर्स निर्धारित जगह पर खाना खिला सकेंगे। एक अन्य सीनियर अधिकारी ने बताया कि फीडिंग पॉइंट्स किन-किन जगहों पर बनाए जाएं इसके लिए रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन और लोगों से की मदद ली जाएगी।
शेल्टर के लिए जगह फिलहाल फाइनल नहीं
नगर निगम तीन एकड़ में आक्रामक, घायल और आवार डॉग्स के लिए खास शेल्टर बनाने पर भी काम कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, शेल्टर के लिए जगह फिलहाल फाइनल नहीं की गई है। गुरुग्राम में बेगमपुर खटोला, बसई, सेक्टर 99 और बलियावास में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि नया शेल्टर एनिमल बर्थ कंट्रोल का पांचवां सेंटर होगा। इसके साथ ही नए शेल्टर में आवारा आक्रामक डॉग्स को रखने से लोगों में डर का माहौल कम होगा।
अक्सर सामने आते हैं डॉग बाइट के मामले
आपको बता दें कि अक्सर आवार डॉग्स के लोगों को काटने के मामले सामने आते रहते हैं। कुछ मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें डॉग्स ने इतना खतरनाक हमला किया कि मौत तक हो गई। आपको बता दें कि बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने आवारा डॉग्स के काटने से जुड़ी समस्याओं पर संज्ञान लिया था और निर्देश दिया था कि आवारा डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण कर उन्हें शेल्टर में रखा जाए। वहीं इसके बाद इसी साल मई में शीर्ष कोर्ट ने ऐसे डॉग्स जो लाइलाज रूप से बीमार हैं, रेबीज से पीड़िता या खतरनाक और आक्रमक हैं जिनसे आम जनता को खतरा है, उन्हें मारने पर विचार करने के निर्देश जारी किए थे।


