दिल्ली में हुए गुड्डू बादशाह हत्याकांड का खुलासा, धोखे से बुलाकर दिया था वारदात को अंजाम; पुलिस ने 8 को दबोचा
पूछताछ में पता चला कि हत्या की साजिश बेहद सटीक थी। शमशाद और अशफाक ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिए पूरी साजिश रची। वहीं दिल्ली के रहने वाले अमन यादव ने पैसों के लालच में आरोपियों के ठहरने का इंतजाम किया

रिपोर्ट- रजनीश पांडे
दक्षिण-पूर्व दिल्ली पुलिस ने पुल प्रह्लादपुर इलाके के लाल कुआं इलाके में हुए बहुचर्चित मोहम्मद इरशाद आलम उर्फ 'गुड्डू बादशाह' हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली, यूपी, बिहार, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में करीब 12,000 किलोमीटर लंबा अंतरराज्यीय ऑपरेशन चलाकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोहम्मद इरफान की निशानदेही पर एक अवैध पिस्तौल, एक एक्स्ट्रा मैगजीन और कारतूस बरामद किए हैं। जबकि अमन यादव और फारुख द्वारा छिपाए गए दो अन्य हथियारों की तलाश जारी है। सभी आठ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 28 जुलाई को पुलिस को लाल कुआं में फायरिंग की सूचना मिली थी। मौके पर गुड्डू बादशाह मृत मिला, जबकि उसका जानकार मोहम्मद फारुख गोली लगने से घायल था। शुरुआत में फारुख ने खुद को निर्दोष पीड़ित बताया, लेकिन तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल (सीडीआर) खंगालने पर उसके बयान झूठे निकले। असल में फारुख साजिश का अहम हिस्सा था, जिसने मृतक का विश्वास जीतकर उसे धोखे से वारदातस्थल पर बुलाया था।
सुपौल में शुरू हुई रंजिश, दिल्ली में लिया बदला
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि हत्या की वजह बिहार के सुपौल जिले की एक पुरानी रंजिश थी। मुख्य साजिशकर्ता शमशाद और अशफाक का गुड्डू से पुराना विवाद था। पुरानी दुश्मनी को खत्म कर समझौता करने के बहाने गुड्डू को बिहार से दिल्ली बुलाया गया। फारुख उसे लाल कुआं स्थित एक किराए के गोदाम में ले गया, जिसे एक जाल की तरह इस्तेमाल किया गया। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने गुड्डू की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने आठ आरोपियों को दबोचा
गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों की पहचान मोहम्मद फारुख, मोहम्मद आफताब (तमिलनाडु के तिरुप्पुर से गिरफ्तार), मोहम्मद इरफान, मोहम्मद शमशाद, मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद रहमतुल्लाह उर्फ छोटू, अमन यादव और मोहम्मद शोएब अख्तर के रूप में हुई है।
इंटरनेट कॉलिंग के जरिए रची थी साजिश
पूछताछ में पता चला कि हत्या की साजिश बेहद सटीक थी। शमशाद और अशफाक ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिए पूरी साजिश रची। वहीं दिल्ली के रहने वाले अमन यादव ने पैसों के लालच में आरोपियों के ठहरने का इंतजाम किया और वारदात वाली रात मोटरसाइकिल से आफताब, रहमतुल्लाह और शोएब को मौके पर ले जाकर खुद भी गोलीबारी में हिस्सा लिया।
मोबाइल बंद करके लोकेशन बदल रहे थे आरोपी
पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार मोबाइल बंद करके अपनी लोकेशन बदल रहे थे, लेकिन तकनीकी विश्लेषण, इंटरनेट कॉलिंग ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज और ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने और साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।


