
दिल्ली में 645 करोड़ रुपये का GST घाेटाला आया सामने, 229 फर्जी फर्मों से लगाया चूना
संक्षेप: दिल्ली में फर्जी फर्मों के जरिये 645 करोड़ की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। 645 करोड़ का आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लेने के लिए 229 फर्जी फर्मों को जीएसटी में रजिस्टर्ड कराया गया था।
दिल्ली में फर्जी फर्मों के जरिये 645 करोड़ की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। 645 करोड़ का आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लेने के लिए 229 फर्जी फर्मों को जीएसटी में रजिस्टर्ड कराया गया था।

जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की टीम ने आरोपी मुकेश शर्मा को गिरफ्तार किया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। डीजीजीआई के मुताबिक, टीम को फर्जी फर्मों के जरिए आईटीसी क्लेम लेने वाले सिंडिकेट की जानकारी मिली थी।
खुफिया जानकारी के आधार पर डीजीजीआई अधिकारियों ने दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया। इसमें बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और बहीखाते बरामद हुए। जांच में पता चला कि कंपनियों के नाम पर उत्पादों और सेवाओं आपूर्ति के चालान जारी किए जा रहे थे जो अस्तित्व में नहीं थीं। इसमें 162 मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया था। 44 डिजिटल हस्ताक्षर और विभिन्न फर्मों की 200 से अधिक चेकबुक भी बरामद की गईं।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि मुकेश शर्मा नाम के व्यक्ति ने फर्जी संस्थाओं के इस सिंडिकेट का संचालन किया। साक्ष्य जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न तथा फर्जी फर्मों के रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन समेत अन्य कई कई स्तरों के जरिये पता चला है कि इस फर्जीवाड़े में उसकी सक्रिय भूमिका रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ सकता है मामला
डीडीजीआई का कहना है कि जांच में पता चला है कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हो सकता है। इसमें धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि को कथित तौर पर एनजीओ और एक राजनीतिक संगठन के जरिये इधर-उधर किया गया। विभाग का कहना है कि इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। बरामद किए गए दस्तावेजों की गहन जांच और आरोपी से पूछताछ में अन्य अहम जानकारियां मिल सकती हैं।





