ग्रेटर SPR रोड के लिए गुरुग्राम में 14 गांवों की 670 एकड़ जमीन लेगा HSVP, कितना मिलेगा मुआवजा
गुरुग्राम में ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के लिए 14 गांवों की 670 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एचएसवीपी की योजना अगले एक सप्ताह में इस जमीन के अधिग्रहण के मुआवजा की घोषणा कर जमीन अपने कब्जे में लेने की है।

गुरुग्राम में ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के लिए 14 गांवों की 670 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की योजना अगले एक सप्ताह में इस जमीन के अधिग्रहण के मुआवजा की घोषणा कर जमीन अपने कब्जे में लेने की है।
जमीन की एवज में करीब छह हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण विभाग की तरफ से इस मुख्य सड़क के निर्माण के लिए दो चरणों में जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। पहले चरण में गांव बहरामपुर की 26.38 एकड़, उल्लावास की 17.181 एकड़, कादरपुर की 76.937 एकड़, मैदावास की 49.775 एकड़, धुमसपुर की 54.481 एकड़, बादशाहपुर की 51.681 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। करीब 276 एकड़ इस जमीन के अधिग्रहण के लिए दो दिन पहले एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह की अध्यक्षता में रेट निर्धारण समिति की बैठक हुई थी। सूत्रों के मुताबिक इस जमीन के बदले में जमीन मालिकों को साढ़े छह करोड़ रुपये से लेकर आठ करोड़ रुपये के बीच प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।
शिकोहपुर गांव की मुआवजा राशि सबसे अधिक होगी
सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन अधिग्रहण की एवज में आठ करोड़ से लेकर 11 करोड़ रुपये के बीच प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। गांव शिकोहपुर की मुआवजा राशि सबसे अधिक होगी। इस समिति में एचएसवीपी के अधीक्षक अभियंता, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, गुरुग्राम, सोहना और मानेसर तहसील के तहसीलदार शामिल रहेंगे।
इन गांवों की जमीन शामिल
इस मुख्य सड़क के लिए दूसरे चरण में छह गांवों की 394 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें अकलीमपुर की 5.95 एकड़, टीकली की 62.95 एकड़, सकतपुर की 68.60 एकड़, शिकोहपुर की 15.92 एकड़, नौरंगपुर की 48.41 एकड़, बार गुर्जर की 99.13 एकड़, मानेसर की 33.15 एकड़, नैनवाल की 59.92 एकड़ जमीन शामिल है। 19 मार्च को रेट निर्धारण समिति की बैठक होगी।
नोटिफिकेशन जारी हो चुका
इन जमीनों को जमीन अधिग्रहण की धारा चार का नोटिस 31 दिसंबर, 2013 को जारी हुआ था। मालिकों ने इस जमीन अधिग्रहण की एवज में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था। करीब 12 साल तक यह मामला अदालत में चला। पिछले साल नवंबर में हरियाणा सरकार के पक्ष में फैसला आने के बाद जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी हुआ।
मुआवजा इस आधार पर दिया जा रहा
साल 2011 से लेकर साल 2013 में खेतीहर जमीन की तहसील में सर्वाधिक किस रेट के आधार पर रजिस्ट्री हुई। इन गांवों में रजिस्ट्री किस रेट के आधार पर हुई थी, उसका औसत निकाला जाएगा। साल 2013 में कलेक्टर रेट क्या था। इन दोनों में से जो राशि अधिक होगी, उसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।


