
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एसकेए दिव्या सोसाइटी में दूषित पानी से 70 और लोग बीमार, उल्टी-दस्त की शिकायत
संक्षेप: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एसकेए दिव्या सोसाइटी में दूषित पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। दूषित पेयजल पीने से मंगलवार को 70 से अधिक लोग बीमार हो गए। अब तक 270 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एसकेए दिव्या सोसाइटी में दूषित पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। दूषित पेयजल पीने से मंगलवार को 70 से अधिक लोग बीमार हो गए। अब तक 270 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम भी मंगलवार को सोसाइटी पहुंची और पानी की जांच की। जांच में पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया।

सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां 400 परिवार रहते हैं। सोसाइटी में करीब 15 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इसके कारण अब तक 270 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। दूषित पेयजल के सेवन से मंगलवार को भी सोसाइटी के 70 से अधित लोग बीमार हो गए।
बीमार पड़े अधिकतर लोगों को उल्टी, पेट दर्द और डायरिया की शिकायत है। इतना ही नहीं लोगों को एक या दो दिन के लिए अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ रहा। वहीं, दूसरी तरफ सोसाइटी में रह रहे लोगों ने अब बाजार पेयजल खरीदने शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि अगर वह भी सोसाइटी में आपूर्ति किए जा रहे पेयजल का सेवन करने लगे तो बीमार हो जाएंगे।
साथ ही लोगों का आरोप है कि दूषित पेयजल की वजह से घर में लगे आरओ भी खराब हो गए हैं। सभी लोग बाजार से पानी की बोतल खरीद कर मंगा रहे हैं। वहीं, लोगों ने बीते सप्ताह अपने स्तर से पेयजल की जांच कराई थी। उसकी जांच रिपोर्ट में पेयजल पीने योग्य नहीं पाया गया।
इसके बाद निवासियों ने सोमवार को बिल्डर प्रबंधन के दफ्तर पर हंगामा किया और जल्द समस्या के समाधान की मांग की। सोमवार को ही प्राधिकरण की टीम ने पेयजल के नमूने लिए थे।
जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला
एसकेए ग्रुप के मीडिया प्रभारी का कहना है कि कुछ फ्लैट में दूषित पेयजल के इस्तेमाल से लोगों के बीमार होने की शिकायतें मिली हैं। हमारी टीम ने सभी पाइपलाइन की जांच कराई, लेकिन कहीं कोई लीकेज या अन्य कमी नहीं मिली। इसकी सूचना ग्रेनो जल विभाग को भी दी गई थी। सोसाइटी में जुड़ी जल विभाग की पाइप से सैंपल लिया गया। इसकी रिपोर्ट में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला। ई-कोलाई बैक्टीरिया के कुछ प्रकार से संक्रमण होता है और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग अधिक प्रभावित होते हैं।
राजेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक जल विभाग, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, ''एसकेए सोसाइटी में दूषित पेयजल की शिकायत पर जल विभाग की टीम मंगलवार को भी जांच करने पहुंची। टीम ने लाइनों की भी जांच कर ली है। नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस सोसाइटी में प्राधिकरण की तरफ से पानी का कनेक्शन नहीं काटा गया है।''
समस्या का जल्द समाधान हो
पंकज शर्मा, निवासी, ''बीमार होने के में कारण बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया था। एक दिन के उन्हें सात हजार देने पड़े। अब भी पेयजल की समस्या बरकरार है। इसका जल्द समाधान हो।''
बच्चे-बुजुर्ग चपेट में आ रहे
अविनाश राय, निवासी, ''बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक चपेट में आ रहे हैं। दूषित पेयजल से बीमार होने के कारण बुजुर्गों की हालत खराब है, लेकिन बिल्डर प्रबंधन द्वारा कुछ नहीं किया जा रहा है।''





