
ग्रेटर नोएडा में मिलेगी भरपूर पेयजल आपूर्ति, मास्टर प्लान-2041 पर काम शुरू
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2041 के तहत शहर और गांवों में भरपूर पेयजल आपूर्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करना शुरू कर दिया है, जिसके लिए सलाहकार एजेंसी वर्तमान व्यवस्था का सर्वेक्षण कर रही है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर और गांवों में भरपूर पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए मास्टर प्लान-2041 के तहत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सलाहकार एजेंसी ने डीपीआर पर काम करना शुरू कर दिया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक सलाहकार एजेंसी अर्शिया कंसल्टिंग इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों के साथ प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले गांवों, नलकूप, भूमिगत जलाशय (यूजीआर) और अपर जलाशय (ओवर हेड टैंक) की संख्या के साथ अब तक बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन की लंबाई समेत पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। सलाहकार एजेंसी मास्टर प्लान-2021 के तहत हुए विकास कार्यों का सर्वेक्षण कर कमियों को तलाशने का काम कर रही है, ताकि उसमें जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सके। शहर का विस्तार और आबादी बढ़ने से संसाधन कम पड़ने लगे हैं।
ग्रेटर नोएडा की वर्तमान आबादी लगभग 10-12 लाख और आगामी 25 वर्षों के हिसाब से आधारभूत संसाधान में क्या सुधार की जरूरत है, सलाहकार एजेंसी इस बिंदु पर गहन सर्वेक्षण कर अपना सुझाव देगी।
अधिकारी के मुताबिक विशेषज्ञों के सुझाव पर मास्टर प्लान-2041 के हिसाब से आगे की योजना बनाई जाएगी। प्राधिकरण के जल विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र में मिलाकर 312 नलकूपों की मदद से लगभग 250 एमएलडी भूजल और 85 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है। गांवों में सीधे नलकूप से जल आपूर्ति की जाती है। भविष्य में गांवों में भी ओवर हेड टैंक और भूमिगत जलाशय का निर्माण कर निर्बाध पेयजल आपूर्ति की तैयारी है।
‘वन सिटी, वन ऑपरेटर’ योजना पर काम
प्राधिकरण ‘वन सिटी, वन ऑपरेटर’ योजना पर भी काम कर रहा है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जल आपूर्ति और सीवर के लिए अनुभव प्राप्त किसी बड़ी कंपनी का चयन किया जाएगा, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। वहीं, पानी की बर्बादी रोकने के लिए मीटर लगाए जाएंगे। दरअसल मौजूदा समय की बात करें तो इन दोनों मूलभूत सुविधाओं जल आपूर्ति और सीवर की व्यवस्था ज्यादा अच्छी नहीं है। सीवर ओवरफ्लो होने, पेयजल की गुणवत्ता और प्रेशर कम की शिकायत आम है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इसमें विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी की मदद ली जा रही है। सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है। मास्टर प्लान-2041 के तहत विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। विशेषज्ञों के सुझावों पर मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है।





