ग्रेटर नोएडा में डीएससी मार्ग पर जाम से निजात दिलाने की तैयारी; 6 लेन का काम तेज
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में डीएससी मार्ग पर जाम और जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क को चार से छह लेन करने का काम तेज कर दिया गया है। जल निकासी की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है।

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में डीएससी मार्ग और तिलपता की जर्जर सड़कों के सुधरने से लोगों को जल्द ही जाम और जलभराव से राहत मिलेगी। प्राधिकरण इन सड़कों को चार से छह लेन तक चौड़ा कर रहा है। मजबूती के लिए सीमेंटेड (सीसी) सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जल निकासी के लिए नालियों को दुरुस्त करने का काम भी तेज है। इन कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। तिलपता में भारी वाहनों के लिए बेहतर सड़क बनाई जा रही है जो नोएडा और जीटी रोड को जोड़ती है।
चार से छह लेन करने का काम तेज
अधिकारियों ने बताया कि सूरजपुर में डीएससी मार्ग को चार से छह लेन करने का काम तेज कर दिया गया है। यह सड़क पिछले कई सालों से टूटी पड़ी थी। बारिश के मौसम में जलभराव होने पर इधर से आवाजाही करने वाले लोगों के साथ दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ट्रैफिक का दबाव होने की वजह से जाम की समस्या से भी जूझना पड़ता है।
ऊंचाई भी बढ़ाई जा रही
आईआईटी से जांच के बाद प्राधिकरण ने सड़क को चौड़ी करने और जल निकासी की व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक, सीसी सड़क बनाने के साथ ऊंचाई भी बढ़ाई जा रही है। इससे भविष्य में जलभराव की समस्या पैदा नहीं होगी। अब तक 40 फीसदी से अधिक काम हो चुका है। यहां पर पहले से बनी नाली को दुरुस्त किया जा रहा है।
चौड़ी की जा रही सड़क
सूरजपुर कस्बे में 2.5 किलोमीटर में सड़क को चौड़ी किया जा रहा है। सड़क के छह लेन होने से जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
तिलपता में सीमेंटेड सड़क का निर्माण शुरू
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि तिलपता में जर्जर हो चुकी सड़क के स्थान पर सीमेंटेड यानी सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। यह सड़क दो लेन की है। कुछ स्थानों को चौड़ा भी किया जा रहा है। जल निकासी के लिए दोनों तरफ चौड़ी नाली का निर्माण किया जा रहा है। अब तक 25 फीसदी काम हो चुका है। तिलपता में कंटेनर डिपो होने की वजह से यहां भारी वाहनों का आना-जाना भी लगा रहता है। यह सड़क सीधे नोएडा और जीटी रोड को जोड़ती है।
हल्दौनी में राहत मिलेगी
डीएससी मार्ग पर हल्दौनी मोड़ के पास भी जलभराव-जाम से राहत मिलेगी। सूरजपुर घंटाघर चौक से कुलेसरा इंट्री प्वाइंट तक छह किलोमीटर लंबी नाली और पुलिया बन रही है। इससे सेक्टर इकोटेक-3 में जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


