ग्रेटर नोएडा में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल गिरफ्तार, छात्रा ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप
दादरी के एक निजी कॉलेज में बी-फार्मा की छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में पुलिस ने प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके विरोध में छात्रों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।

ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा ने फार्मेसी संकाय के प्रधानाचार्य और शिक्षक पर गलत तरीके से छूने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही।
पुलिस के मुताबिक विश्वेश्वरैया कॉलेज से एक छात्रा बी फार्मा की पढ़ाई कर रही है। सोशल मीडिया पर छात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में छात्रा ने रोते हुए आरोप लगाया कि सोमवार को प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रदीप और फैकल्टी ललित राणा ने उसके साथ मारपीट और बदतमीजी की। दोनों ने उसे गलत तरीके से छुआ और धक्का देकर गिरा दिया। बीच-बचाव करने आए उसके साथी को भी बुरी तरह पीटा गया। इसकी शिकायत लेकर वह प्रधानाचार्य के पास पहुंची तो उन्हें करियर बर्बाद करने की धमकी दी। छात्रा के अनुसार, शिक्षक सभी लड़कियों पर गंदी नजर रखते हैं।
प्रिंसिपल गिरफ्तार
छात्रा ने यह भी कहा कि यदि दोनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो वह आत्महत्या कर लेगी और उसके जिम्मेदार दोनों फैकल्टी और कॉलेज का प्रबंधन होगा। वीडियो वायरल होने के बाद दादरी कोतवाली पुलिस ने छात्रा के साथी और पीड़ित छात्र मिनहाज शेख की शिकायत पर फार्मेसी संकाय के प्रधानाचार्य प्रदीप और शिक्षक ललित राणा के खिलाफ मारपीट और धमकी के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्रधानाचार्य प्रदीप को गिरफ्तार कर मामले की जांच की जा रही। दूसरी ओर मामले में कॉलेज प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका।
कॉलेज में पहले भी हंगामा हो चुका
विश्वविद्यालय प्रबंधन और बी फार्मा के छात्रों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। छात्रों का आरोप है कि सत्र 2023-2024 में विश्वेश्वरैया कॉलेज ने करीब 130 छात्रों के बी फार्मा में दाखिले किए, जबकि इस सत्र में कॉलेज को विश्वविद्यालय से संबद्धता नहीं मिली। इस कारण छात्रों के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सके। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन जल्द ही कॉलेज को संबद्धता मिलने का हवाला देता रहा, मगर डेढ़ वर्ष बाद भी समाधान नहीं हो सका। अब छात्रों का डेढ़ वर्ष खराब हो गया है। इसके विरोध में कई छात्रों ने चार महीने पहले कॉलेज में हंगामा किया था।
उत्पीड़न का आरोप लगाकर दो छात्राओं ने दी थी जान
ग्रेटर नोएडा में छात्राओं के शोषण के मामले पहले भी सामने आए हैं। शारदा यूनिवर्सिटी में 18 जुलाई को बीडीएस की छात्रा ने खुदकुशी कर ली थी। छात्रा ने फैकल्टी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। इसके बाद 30 जुलाई को जीएनआईओटी कॉलेज की एक बीटेक की छात्रा ने खुदकुशी कर ली थी। छात्रा ने केसीसी कॉलेज प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
छात्रों का तीन घंटे तक हंगामा और प्रदर्शन
पीड़ित छात्रा का वीडियो मंगलवार को वायरल होने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन में सपा छात्र सभा के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। छात्रों का आरोप था कि कॉलेज में छात्रा के साथ शारीरिक शोषण हुआ है। उन्होंने आरोपी प्रधानाचार्य और अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज के गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रधानाचार्य और शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हुआ
करीब तीन घंटे तक छात्रों का कॉलेज के गेट पर हंगामा चलता रहा। इसके बाद पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस कॉलेज पहुंची और आरोपी प्रधानाचार्य को जीप में बैठाकर थाने ले गई। इसके बाद छात्रों को समझाया और बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे आरोपी के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्र शांत हुए।





