
ग्रेटर नोएडा में बनेंगे 30 सामुदायिक केंद्र, किन इलाकों में हो रहा निर्माण?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सेक्टरों और गांवों में बीओटी आधार पर 30 से अधिक सामुदायिक केंद्रों का निर्माण करने जा रहा है। इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को दी जाएगी। इन केंद्रों में क्या होंगी सुविधाएं।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और अधिसूचित क्षेत्र के गांवों में बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) के आधार पर 30 से अधिक सामुदायिक केंद्रों का निर्माण किए जाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्राधिकरण जल्द रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी करेगा। इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगा जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक पूर्व में तीन से चार कंपनियां प्रस्तुतिकरण दे चुकी हैं। अब गांवों में भी सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। अब तक बरातघर बनाए जाते हैं।
बढ़ाई जा सकती है संख्या
सामुदायिक केंद्र का आकार बरातघर के मुकाबले बड़ा होता है। प्रथम चरण में 30 से अधिक सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। हालांकि, जरूरत के मुताबिक भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।
बीओटी आधार पर होगा निर्माण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह ने बताया कि ग्रेनो के सेक्टरों और गांवों में 30 से अधिक सामुदायिक केंद्र का निर्माण बीओटी आधार पर किया जाएगा। परियोजना विभाग इसके लिए रिपोर्ट तैयार कर रहा है। केंद्रों के निर्माण, रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी किसी बड़ी कंपनी को दी जाएगी।
इन सेक्टरों में निर्माण कार्य चल रहा
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रॉन-1 ए, ज्यू-1, ज्यू-2, ज्यू-3, ईटा-1, जीटा-1, डेल्टा-3, सेक्टर- 37, सेक्टर-36, पाई-1, स्वर्णनगरी और चिपियाना बुजुर्ग गांव में सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जो इस साल बनकर तैयार हो जाएंगे। सभी सामुदायिक केंद्र दो मंजिला होंगे। भूतल पर लॉबी, पार्टी हॉल, किचन, स्टोर, एक कमरा के अलावा पुरुष और महिला के लिए शौचालय होगा।
होंगी ये सुविधाएं
वहीं, प्रथम तल पर लॉबी, पुस्तकालय और शौचालय की सुविधा होगी। इसके अलावा हर सामुदायिक केंद्र में लगभग 50 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। वहीं, योजना के तहत विभिन्न सेक्टरों में पहले से बने सामुदायिक केंद्र के संचालन और रखरखाव के लिए भी कंपनी का चयन किया जाएगा। इसका प्रस्ताव अलग से तैयार किया गया है।
इसलिए कराया जा रहा निर्माण
शादी समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पार्टी आदि के लिए सेक्टर के लोगों को इधर- उधर न भटकना पड़े, इसके लिए प्राधिकरण की ओर से सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इसका रखरखाव और संचालन प्राधिकरण द्वारा ही किया जाता है। इसमें आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब बीओटी के आधार पर सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
निजी कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी
योजना के तहत निजी कंपनी को सामुदायिक केंद्र के निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अधिकारी के मुताबिक इसके लिए शर्तें तय की गई हैं। संचालन करने वाली कंपनी बुकिंग में मनमानी न कर सके इसके लिए प्राधिकरण द्वारा निगरानी की जाएगी। संबंधित एजेंसी को विज्ञापन करने की छूट होगी। इससे होने वाली कमाई में प्राधिकरण की भी हिस्सेदारी होगी। 20 साल के लिए संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।




