सरकार और CJP के बीच बातचीत किसने शुरू कराई? नड्डा और प्रवक्ता सुना रहे अलग-अलग कहानी
Government cjp talks who initiated: CJP के संसद मार्च के बीच केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन इसकी पहल किसने की, इस पर विवाद खड़ा हो गया है। जेपी नड्डा और CJP प्रवक्ताओं ने अलग-अलग दावे पेश किए हैं।

Government CJP talks who initiated: कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच आज 20 जुलाई से बातचीत शुरू हो गई है। लेकिन, इसके साथ ही नया विवाद भी खड़ा हो गया। क्योंकि, अभी तक ये क्लियर नहीं हो पाया है आखिर ये बातचीत किसकी तरफ से शुरू की गई है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और CJP प्रवक्ताओं की तरफ से इसको लेकर अलग-अलग कहानी सुनाई जा रही है। जानिए आखिर किसने क्या दावा पेश किया है।
नड्डा बोले- CJP की तरफ से आया था प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया। उन्होंने लिखा कि सुबह 11:50 बजे से बातचीत शुरू हुई और CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने शाम करीब चार बजे उन्हें अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन भी सौंपा। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
CJP का दावा- सरकार ने खुद किया था संपर्क
वहीं, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने नड्डा के दावे से अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सोमवार सुबह सरकार ने बातचीत के लिए संपर्क किया था, जिसके बाद वह और पार्टी नेता आशुतोष रांका जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़े हैं।
दिल्ली पुलिस के जरिए संपर्क का दावा- CJP
CJP नेता आशुतोष रांका ने दावा किया कि बातचीत की पहली पहल दिल्ली पुलिस के माध्यम से हुई। उनके मुताबिक, रविवार देर रात नई दिल्ली के डीसीपी की ओर से सरकार से संवाद का चैनल खोलने का संदेश मिला था। सोमवार सुबह छह बजे के बाद बातचीत तेज हुई और करीब 11:45 बजे जेपी नड्डा से मुलाकात पर सहमति बनी।
रांका ने यह भी कहा कि उन्हें नड्डा से मिलने से पहले दो घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार दोनों नेताओं ने नड्डा से करीब 10 मिनट मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि नड्डा ने आश्वासन दिया कि वह इन मांगों पर सरकार के भीतर चर्चा करेंगे।
पुलिस कार्रवाई रोकने की भी मांग
रांका ने सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग रोकने की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत की प्रक्रिया चलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही।
संसद मार्च के बीच हुई वार्ता
सरकार और CJP के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब 'चलो संसद' मार्च के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी दिल्ली की सड़कों पर उतर आए थे। संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, कई जगह लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया तथा बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। इसी घटनाक्रम के बीच दोनों पक्षों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई, लेकिन उसकी पहल किसने की, इस पर दोनों की कहानी अलग-अलग है।


