जिगोलो जॉब का फर्जी विज्ञापन देकर ठगने वाले गैंग का खुलासा, गुरुग्राम के मानेसर से 2 अरेस्ट

Feb 14, 2026 06:43 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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साइबर सिटी गुरुग्राम की पुलिस टीम ने फेसबुक के जरिये जिगोलो सर्विस का लुभावना विज्ञापन देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराध थाना (पूर्व) की टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को मानेसर से गिरफ्तार किया है।

जिगोलो जॉब का फर्जी विज्ञापन देकर ठगने वाले गैंग का खुलासा, गुरुग्राम के मानेसर से 2 अरेस्ट

साइबर सिटी गुरुग्राम की पुलिस टीम ने फेसबुक के जरिये जिगोलो सर्विस का लुभावना विज्ञापन देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराध थाना (पूर्व) की टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को मानेसर से गिरफ्तार किया है।

आरोपी सोशल मीडिया पर जिगोलो सर्विस का विज्ञापन डालकर मेंबरशिप के नाम पर भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठते थे। इस ठगी का खुलासा अगस्त 2025 में हुआ था, जब एक पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसने फेसबुक पर जिगोलो सर्विस का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उसे मेंबरशिप और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर झांसा दिया गया। आरोपियों ने झांसे में लेकर पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में बड़ी राशि ट्रांसफर करवा ली और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

मानेसर से दो आरोपी गिरफ्तार

सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) साइबर अपराध प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में साइबर थाना पूर्व की पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद शुक्रवार को मानेसर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय देशराज निवासी गांव खो और अजुर्न सिंह निवासी गांव घाटोली, जिला भरतपुर राजस्थान के रूप में हुई। अजुर्न सिंह एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि देशराज शहर में टैक्सी चलाने का काम करता है।

फर्जी सिम और किराये के बैंक खातों का करते थे इस्तेमाल

पुलिस की पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने बताया कि वे ठगी के नेटवर्क को फैलाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और किराये के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। जिस नंबर से पीड़ित ने संपर्क किया था, वह सिम देशराज के नाम पर थी। देशराज ने इसे मात्र 1500 रुपये के लालच में एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। ठगी की राशि में से 40 हजार रुपये आरोपी अर्जुन के बैंक खाते में आए थे। अर्जुन ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता किसी तीसरे व्यक्ति को 3000 रुपये में इस्तेमाल के लिए दिया था।

क्या होती है जिगोलो सर्विस

जिगोलो (Gigolo) ऐसे पुरुषों को कहा जाता है, जो पैसों या उपहारों के बदले अमीर घरों की महिलाओं को यौन सेवाएं प्रदान करते हैं। जिगोलो सर्विस में सिर्फ शारीरिक संबंध ही शामिल नहीं होते, बल्कि कई बार उन्हें पार्टियों या डिनर डेट पर एक 'एस्कॉर्ट' के रूप में साथ जाने के लिए भी बुलाया जाता है। यह पूरी तरह से एक व्यावसायिक लेन-देन है। इसमें महिला क्लाइंट पुरुष की सेवाओं के लिए एक निश्चित फीस का भुगतान करती है।

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लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें