ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCR गाज़ियाबाद नमूनों की रिपोर्ट में देरी से जल्द छुटकारा मिलेगा

नमूनों की रिपोर्ट में देरी से जल्द छुटकारा मिलेगा

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए जाने वाले नमूनों की रिपोर्ट देर से मिलने की समस्या से जल्द ही छुटकारा मिलेगा। नमूनों की जांच के हर मंडल में जांच लैब...

नमूनों की रिपोर्ट में देरी से जल्द छुटकारा मिलेगा
हिन्दुस्तान टीम,गाज़ियाबादTue, 28 Nov 2023 07:15 PM
ऐप पर पढ़ें

गाजियाबाद, विजयभूषण त्यागी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए जाने वाले नमूनों की रिपोर्ट देर से मिलने की समस्या से जल्द ही छुटकारा मिलेगा। नमूनों की जांच के हर मंडल में जांच लैब की सुविधा होगी। वर्तमान में प्रदेश में केवल चार लैब हैं। जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग छापेमारी करता है। जांच के दौरान संदेहजनक पदार्थ का नमूना भरकर जांच के लिए लैब भेजा जाता है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति विभाग करता है। वर्तमान में 20 करोड़ से अधिक आबादी वाले प्रदेश में खाद्य नमूनों की जांच के लिए चार लैब हैं। ये लैब मेरठ, लखनऊ, आगरा और वाराणसी में हैं। इन लैबों में अधिक कार्यभार होने से रिपोर्ट आने में औसतन में चार से पांच महीने लग जाते हैं। रिपोर्ट को लेकर हालात जल्द बदलने वाले हैं। प्रदेश सरकार सभी 18 मंडलों में लैब बनवा रही है। सभी के निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले वर्ष के शुरुआती महीनों में लैब काम करना शुरू कर देंगी।

रिपोर्ट की देरी का मिलावटखोर उठाते हैं लाभ

नमूनों की रिपोर्ट में देरी का लाभ मिलावटखोर उठाते हैं। देखने में आया है कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके मिलावटखोर पीड़ितों को अपने पक्ष में कर लेते हैं, या फिर खुद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर अंडग्राउंड हो जाते हैं। ऐसे कई मामलों में आरोपी मिलावटखोरों की तलाश आज भी कर रही है।

होली पर मिलती है दीपावली की रिपोर्ट

दीपावली और होली जैसे त्योहारों पर मिलाावटखोरी अधिक होती है। इसी के चलते खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहार पर छापेमारी करता है। इस दौरान हानिकारक पदार्थों को नष्ट के करने के साथ नमूने जांच के लिए भेजे जाते हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर होली पर भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट दीपावली और दीपावली की रिपोर्ट होली पर मिलती है। नई लैबों के कार्ररत होने पर जांच में लगने का वाला समय कम हो जाएगा।

लैब के बनने की प्रक्रिया चल रही है। निकटवर्ती मंडल में लैब बनने से मेरठ की लैब पर भार कम होगा व रिपोर्ट आने की प्रक्रिया तेज होगी। -विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, गजियाबाद

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें