Ghaziabad News: जिले के पांच हजार परिवारों में टीकाकरण चुनौती बना
Ghaziabad News: गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने 25 हजार बच्चों को डिप्थीरिया और टिटनेस के टीके से छूटे हुए चिन्हित किया है। 28 अगस्त तक टीकाकरण अभियान शुरू होगा जिसमें 719 स्कूलों में पात्र छात्रों को टीका लगाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि डिप्थीरिया और टिटनेस जानलेवा रोग हैं।

Ghaziabad News: गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। जिले के पांच हजार परिवारों में बीमारियों की रोकथाम के लिए होने वाला टीकाकरण चुनौती बन गया है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 25 हजार से ज्यादा बच्चों को डिप्थीरिया और टिटनेस तथा 35 सौ से ज्यादा बच्चों खसरे के टीके से छूटे हुए चिन्हित किए हैं। पिछले कुछ समय पहले गावी के सर्वे में पांच हजार परिवारों द्वारा टीकाकरण से परहेज की बात सामने आई थी। हालांकि सर्वे के बाद मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में टीकाकरण के लिए मौलवी व अन्य गणमान्य लोगों का सहारा लिया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी 25 हजार से ज्यादा बच्चे डिप्थीरिया और टिटनेस और 35 सौ से ज्यादा बच्चे खसरा टीकाकरण से छूटे हुए मिले हैं। इसको देखते हुए मंगलवार से 28 अगस्त तक संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है।
टीकाकरण अभियान की जानकारी
अभियान में जनपद के 719 स्कूलों में पात्र छात्र-छात्राओं को टीकाकरण किया जाएगा। स्वासथ्य विभाग के मुताबिक लगभग 25,303 बच्चों को डिप्थीरिया-टिटनेस और लगभग 3,587 बच्चों को खसरा टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
संक्रामक रोग होते हैं जानलेवा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नीरज अग्रवाल के मुताबिक डिप्थीरिया अत्यंत संक्रामक एवं जानलेवा रोग है, जो गले, श्वसन तंत्र तथा शरीर की अन्य प्रणालियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसके कारण सांस लेने में कठिनाई, गले में झिल्ली बनना, हृदय एवं तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव तथा समय पर उपचार न होने पर मृत्यु तक हो सकती है। इसी प्रकार टिटनेस गंभीर रोग है, जो चोट या घाव के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने वाले जीवाणु के कारण होता है तथा यह भी जानलेवा हो सकता है।
टीके की सुरक्षा
डिप्थीरिया-टिटनेस एवं खसरा का टीका पूर्णतः सुरक्षित एवं प्रभावी हैं। सभी पात्र बच्चों को अभियान में टीकाकरण जरूर कराना चाहिए, ताकि बच्चों को बीमारियों का कवच मिल सके। - डा. सचिन चंद्र वैश्य, सीएमओ, गाजियाबाद


