
तेज रफ्तार बाइक ट्रक से टकराई, तीन किशोरों की मौत
संक्षेप: गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। विजयनगर थानाक्षेत्र में मंगलवार रात तेज रफ्तार बाइक एनचए-नौ पर खड़े
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। विजयनगर थानाक्षेत्र में मंगलवार रात तेज रफ्तार बाइक एनचए-नौ पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार तीन किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों दोस्त क्रॉसिंग रिपब्लिक थानाक्षेत्र के शांतिनगर के रहने वाले थे। घटना के बाद किशोरों के परिवारों में कोहराम मच गया। एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों किशोरों की पहचान 16 वर्षीय आर्यन पुत्र राजेंद्र, 15 वर्षीय भावुक तोमर पुत्र परमेंद्र तोमर और 11 वर्षीय मयंक शर्मा पुत्र कुलदीप के रूप में हुई है। तीनों क्रॉसिंग रिपब्लिक थानाक्षेत्र के शांति नगर के रहने वाले थे।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों किशोर आपस में दोस्त थे और मंगलवार रात करीब 10 बजे घूमने के लिए बाइक लेकर घर से निकले थे। आईपीईएम कॉलेज के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक ट्रक में पीछे से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे अनियंत्रित होकर बाइक वहां खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। एसीपी ने बताया कि ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है। शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दर्दनाक हादसे के बाद तीनों किशोरों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में अंदर खड़ी करने के बजाए घूमने चला गया परिजनों के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वाले 11 वर्षीय मयंक शर्मा के पिता कुलदीप शर्मा प्राइवेट नौकरी करते हैं। कुलदीप शर्मा मंगलवार रात को ड्यूटी से घर पहुंचे तो उन्होंने बाइक घर के बाहर छोड़ दी और बेटे मयंक से बाइक को अंदर करने को कहा। मयंक बाइक घर में अंदर खड़ी करने के बजाए अपने दोस्तों आर्यन और भावुक को लेकर घूमने निकल पड़ा और तीनों दोस्त हादसे का शिकार हो गए। मयंक की मौत के बाद पिता कुलदीप शर्मा को पछतावा है कि काश वह खुद ही बाइक को घर के अंदर खड़ी कर देते तो उनके बेटे समेत तीनों दोस्तों की जान जाने से बच सकती थी। दो घंटे तक घर न लौटने पर थाने पहुंचे तो घटना का पता चला मयंक के ताऊ ने बताया कि घर से निकलने के दो घंटे तक बच्चे घर नहीं आए तो परिजन ढूंढने निकले। काफी तलाशने पर भी तीनों का पता नहीं चला तो परिवार के लोग विजयनगर थाने पहुंचे और बच्चों के बारे में सूचना दी। इस पर पुलिसकर्मियों ने एनएच-नौ पर हुए सड़क हादसे के बारे में बताया। पुलिस ने बताया कि तीनों को जिला एमएमजी अस्पताल ले जाया गया है। पुलिसकर्मियों की बात सुनकर परिजन जिला अस्पताल की ओर दौड़ पड़े और वहां पहुंचे तो उन्हें उनके बच्चे मृत मिले। जिसके बाद तीनों के परिवारों में कोहराम मच गया। दो परिवारों के इकलौते चिराग बुझे हादसे में जिन तीन नाबालिग दोस्तों की जान गई, उनमें से दो अपने परिवार के इकलौते चिराग थे। एक तीन बहनों का तो दूसरा एक बहन का इकलौता भाई था। दोनों की मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। मयंक शर्मा के पिता कुलदीप शर्मा प्राइवेट नौकरी करते हैं। कुलदीप शर्मा के परिवार में पत्नी कविता और बेटी पलक के अलावा इकलौता बेटा मयंक था। शांतिनगर कॉलोनी में रहने वाले परमेंद्र तोमर रेलवे कर्मी हैं और उनकी तैनाती दिल्ली में है। सड़क हादसे में उनका बेटा भावुक तोमर भी मौत का शिकार हो गया। परमेंद्र तोमर ने बताया कि भावुक सरस्वती शिक्षा निकतेन स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था और तीन बहनों में इकलौता भाई था। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था आर्यन सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 16 वर्षीय आर्यन के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। आर्यन तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह रेनबो स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। आर्यन के पिता राजेंद्र पशुओं चिकित्सक हैं। चाचा ओमवीर पाल ने बताया कि जिला एमएमजी अस्पताल पहुंचकर जब बच्चों की हालत देखी तो उनका दिमाग सन्न हो गया। कुछ देर बाद उन्होंने घर फोन कर हादसे की सूचना दी तो उनके घर में चीख-पुकार मच गई।

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