
घर के बाहर नाले में गिरकर मासूम की मौत
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। मसूरी थानाक्षेत्र की मोमीन कॉलोनी में बुधवार देर शाम घर के
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। मसूरी थानाक्षेत्र की मोमीन कॉलोनी में बुधवार देर शाम घर के बाहर बने नाले में गिरकर पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने के लिए शव मेरठ के पैतृक गांव ले गए। पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। मूलरूप से थाना मुंडाली, जिला मेरठ के गांव दिसौरी निवासी फिरोज खान पिछले कई वर्षों से मोमीन कॉलोनी में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रह रहे हैं। फिरोज खान फेब्रिकेशन का काम करते हैं और रोजाना शाम के समय काम से लौटते हैं।
परिजनों के मुताबिक, घर लौटने पर अक्सर उनका पांच वर्षीय छोटा बेटा अरहान दरवाजे पर खड़ा उनका इंतजार करता था। पिता के आने पर अरहान दुकान से कुछ दिलाने की जिद करता और उसके बाद ही फिरोज घर के भीतर जाते थे। बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे जब फिरोज खान घर पहुंचे तो दरवाजे पर अरहान नजर नहीं आया। उन्होंने घर के अंदर जाकर पत्नी से पूछा, लेकिन वह भी बच्चे के बारे में कुछ नहीं बता सकी। बच्चे के अचानक गायब होने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने आसपास तलाश शुरू कर दी। गली-मोहल्ले में खोजबीन और पड़ोसियों से पूछताछ की गई, लेकिन अरहान का कहीं पता नहीं चला। फिरोज खान के घर के सामने एक नाला है जो करीब 18 इंच चौड़ा और लगभग ढाई फीट गहरा बताया जा रहा है। नाला खुला होने के कारण उसमें गंदगी और दलदल भरा था। रात करीब नौ बजे एक पड़ोसी की नजर नाले में पड़ी, जहां बच्चे का पैर दिखाई दिया। यह देखते ही वहां अफरातफरी मच गई। मोहल्ले के लोग जमा हो गए और किसी तरह बच्चे को बाहर निकाला गया तो वह अरहान निकला। परिवार में कोहराम मचा परिजन बिना समय गंवाए अरहान को पास के अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं पिता और अन्य परिजन गहरे सदमे में डूब गए। घटना की सूचना मिलने पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे और शव घर ले जाने की जिद कर रहे थे लेकिन काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन मान गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसीपी मसूरी लिपि नगायच ने बताया कि गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव ले गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के संबंध में परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। घटना से लोगों में आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में खुले नाले लंबे समय से हादसों को न्योता दे रहे हैं। पहले भी बच्चों और राहगीरों के फिसलने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। मासूम अरहान की मौत के बाद कॉलोनीवासियों में आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से खुले नालों को ढकवाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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