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Hindi News NCR गाज़ियाबाद पार्षदों का दूसरे दिन भी घंटों हंगामा, सड़क पर धरने से भीषण जाम लगा

पार्षदों का दूसरे दिन भी घंटों हंगामा, सड़क पर धरने से भीषण जाम लगा

महिला का खोखा उठाकर फेंकने के मामले में साहिबाबाद पुलिस द्वारा भाजपा पार्षद सुधीर कुमार को जेल भेजने के विरोध में पार्षदों ने गुरुवार को दूसरे दिन...

पार्षदों का दूसरे दिन भी घंटों हंगामा, सड़क पर धरने से भीषण जाम लगा
हिन्दुस्तान टीम,गाज़ियाबादThu, 23 May 2024 08:45 PM
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गाजियाबाद। महिला का खोखा उठाकर फेंकने के मामले में साहिबाबाद पुलिस द्वारा भाजपा पार्षद सुधीर कुमार को जेल भेजने के विरोध में पार्षदों ने गुरुवार को दूसरे दिन भी जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने नारेबाजी की और दोपहर साढ़े 12 बजे हापुड़ रोड पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान हापुड़ रोड पर भीषण जाम लग गया। एडिशनल सीपी द्वारा एक दिन में निष्पक्ष जांच करने और शनिवार को निष्कर्ष निकालकर वार्ता करने के आश्वासन पर पार्षद शाम चार बजे वापस लौटे।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वार्ड-28 राजीव कॉलोनी मोहननगर के भाजपा पार्षद सुधीर कुमार और उनके साथी एक महिला का खोखा उखाड़कर फेंकते नजर आ रहे थे। खोखा संचालिका ने हमलावरों पर दुकान के तीन हजार रुपये लूटने का आरोप भी लगाया था। महिला की शिकायत पर साहिबाबाद पुलिस ने बलवा, लूट, छेड़छाड़ और लूट का मुकदमा दर्ज कर 21 मई को पार्षद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पार्षद को जेल भेजने के विरोध में नगर निगम के अन्य पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और बुधवार को नगर निगम में मेयर के साथ बैठक के बाद कमिश्नरेट कार्यालय पर जमकर हंगामा किया था। देर रात तक चले हंगामे के बाद जेल भेजे गए पार्षद की पत्नी ने खोका संचालिका और उसके पति पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर पार्षदों को शांत किया था।

सड़क पर धरना दिया

निगम पार्षदों ने गुरुवार को दूसरे दिन भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में हंगामा किया। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पार्षद नगर निगम कार्यालय पर इकट्ठा हुए और दोपहर करीब 12.30 बजे पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंचे और हापुड़ रोड पर धरने पर बैठ गए। पार्षद केस से लूट की धारा हटाने, खोखा संचालिका और उसके परिजनों पर एससी-एसटी ऐक्ट का केस दर्ज करने, एसएचओ और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़े हुए थे। सड़क पर धरना देने के दौरान हापुड़ रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई और जाम लगना शुरू हो गया। देखते ही देखते हापुड़ रोड पर भीषण जाम लग गया। यातायात सुचारू कराने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक यातायातकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया।

पुलिस से तीखी नोकझोंक

पार्षदों के धरने पर बैठने की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना भी मौके पर पहुंचीं और पार्षदों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने जेल भेजे पार्षद की पत्नी की शिकायत पर जांच के लिए समय मांगा, लेकिन पार्षद नहीं माने। दोपहर करीब सवा दो बजे पार्षदों ने पुलिस आयुक्त से मिलने के लिए उनके आवास की तरफ कूच कर दिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

सवा घंटा चली बैठक, जांच के लिए मोहलत दी

सीपी आवास की तरफ जाने के दौरान हुई गहमागहमी के बाद दोपहर करीब पौने तीन बजे कमिश्नरेट कार्यालय में पार्षदों और एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना की मीटिंग शुरू हुई। एडिशनल सीपी ने फिर से जांच के लिए एक दिन मांगा और निष्कर्ष निकालकर शनिवार को वार्ता का आश्वासन दिया। इस आश्वासन पर पार्षद मान गए और शाम चार बजे वापस लौट गए।

आज रणनीति बनाएंगे पार्षद

पार्षद मनोज गोयल ने बताया कि शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में सभी पार्षदों की बैठक बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा पार्षद व कार्यकारिणी सदस्य शीतल चौधरी का कहना है कि शनिवार तक अगर पार्षदों की बात नहीं सुनी गई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पार्षद सड़क पर आंदोलन करेंगे।

पार्षद की गिरफ्तारी में भाजपाई आमने-सामने

ट्रांस हिंडन, वरिष्ठ संवाददाता। खोखा तोड़ने व महिला दुकानदार से मारपीट करने के मामले भाजपा पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर भाजपाई ही आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा के पार्षद आरोपी की गिरफ्तारी के विरोध में दो दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य अशोक संत ने महिला दुकानदार को पीड़ित बताया है। हालांकि इस पूरे मामले में संगठन ने चुप्पी साध रखी है। अशोक संत पैंठ व्यापारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष भी हैं। उनका कहना है कि वीडियो व सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि महिला दुकानदार के साथ गलत किया गया। किसने किया, यह भी स्पष्ट है। एक जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी हो रही है तो पुलिस अधिकारियों ने बिना जांच के यह कदम तो उठाया नहीं होगा। पार्षद गलत का साथ दे रहे हैं। खोखा खोलकर परिवार को पालने वाली महिला व उसके परिवार की मदद के लिए वह तत्पर हैं। पैंठ व्यापारी संघर्ष समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की रविवार को एक बैठक बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

पार्षद पर छह हजार रुपये महीना मांगने का आरोप

भाजपा पार्षद सुधीर कुमार ने जिस दंपती का खोखा तोड़ा, गुरुवार को उसने आरोप लगाया कि पार्षद खोखा लगाने की एवज में उनसे छह हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग कर रहा था। उन्होंने पैसे देने से मना किया तो पार्षद ने दबंगई दिखाते हुए साथियों को बुला लिया। सभी ने मिलकर मारपीट की और फिर खोखा उजाड़ दिया। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। खोखा संचालिका ने बताया कि हमले के दौरान कुछ अन्य उनके कान के कुंडल और नाक की लौंग तक छीनकर ले गए। महिला का कहना है कि खोखा ही उनके परिवार की आजीविका का साधन था। खोखा उजड़ने के बाद तीन दिन से उनके घर में चूल्हा तक नहीं जला है।

टाइम लाइन

11.00 बजे पार्षद नगर निगम कार्यालय पर इकट्ठा हुए।

12.30 बजे पार्षद पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पर पहुंचे।

01.00 बजे नगर निगम के पार्षदों ने सड़क पर धरना देकर जाम लगाया।

02.20 बजे पार्षदों ने पुलिस आयुक्त के आवास की तरफ कूच किया।

02.45 बजे पार्षदों और एडिशनल सीपी कल्पना सक्सेना की मीटिंग शुरू हुई।

04.00 बजे मीटिंग खत्म होने के बाद पार्षद वापस लौटे।

कोट…..

पार्षद की पत्नी द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। जांच के संबंध में पार्षदों के साथ शनिवार को वार्ता की जाएगी।

– कल्पना सक्सेना, एडिशनल सीपी (कानून व्यवस्था)

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