दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में लगाई शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी, बदलाव की मांग

Nov 06, 2025 09:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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गाजियाबाद में आधे से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी चुनावी कार्य में लगा दी गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक हैं, और सभी को ड्यूटी पर भेजा गया है। शिक्षकों ने जिलाधिकारी से ड्यूटी स्थानांतरण की मांग की है ताकि स्कूलों का संचालन सुचारू रहे।

दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में लगाई शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी, बदलाव की मांग

गाजियाबाद। एसआईआर के कार्य में जिले के आधे से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें दूरी का भी ख्याल नहीं रखा गया है। कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां केवल एक-एक, दो-दो शिक्षक हैं, उन सभी की ड्यूटी लगी है। अगले महीने स्कूलों में निपुण परीक्षा है और अर्धवार्षिक परीक्षाएं भी होनी हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में एसआईआर का कार्य चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसे लेकर शिक्षक परेशान हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि ड्यूटी लगाते वक्त दूरी और सहूलियत का जपा भी ध्यान नहीं रखा गया है।

मुरादनगर के शिक्षकों की कई किलोमीटर दूर खोड़ा और पसौंडा में ड्यूटी लगी है। स्कूल की छुट्टी दोपहर तीन बजे होती है। स्कूल से निकलने में साढ़े तीन बज जाएंगे। फिर मुरादनगर से खोड़ा या पसौंडा जाने के लिए एक से डेढ़ घंटे का सफर कर शिक्षक पांच बजे तक पहुंचेंगे। शाम साढ़े पांच बजे के बाद दिन छिपना शुरू हो जाता है। यानि शिक्षकों को रात में बीएलओ कार्य करना होगा। वापस लौटने में भी इतना ही समय लगेगा और फिर अगली सुबह स्कूल जाना होगा। शिक्षकों का कहना है कि अगले महीने निपुण एवं अर्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। चुनावी कार्य और बच्चों को निपुण बनाने के दबाव के चलते शिक्षक परेशान हैं। शिक्षक संगठनों ने जिलाधिकारी से शिक्षकों की ड्यूटी उन्हीं की विधानसभा में लगाने की मांग की है। साथ ही जहां एक या दो शिक्षक हैं उन्हें इससे मुक्त करने की मांग की है, ताकि स्कूलों का संचालन सही हो। कई स्कूलों में एक या दो शिक्षक, सभी की लगा दी ड्यूटी आरोप है कि कुछ स्कूल जहां एक-एक या दो-दो शिक्षक हैं उन सभी की ड्यूटी भी चुनावी कार्य में लगा दी गई है। इसके चलते स्कूलों का कार्य और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं, हालांकि चुनावी कार्य स्कूल की छुट्टी के बाद पूरा करने को कहा गया है, मगर प्रशिक्षण स्कूल समय ही दिया गया। संगठनों का आरोप है कि जब अधिकारियों को इस बारे में बताया तो जवाब मिला कि पहले चुनाव हैं उसके बाद पढ़ाई। ऐसे में शिक्षकों को बिना अवकाश के ही स्कूलों पर ताला लगाकर जाना पड़ा। इससे छात्रों को वापस लौटना पड़ा। आधे से ज्यादा शिक्षकों को मिली जिम्मेदारी जिले में कुल 2062 शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं। इनमें से लगभग 1200 की ड्यूटी बीएलओ के लिए लगी है। वहीं, सराय नजर पुख्ता प्राथमिक स्कूल, सराय नजर अली प्राथमिक स्कूल, राजनगर प्राथमिक स्कूल, घूकना प्राथमिक स्कूल, शहीद नगर प्राथमिक स्कूल समेत कई स्कूल हैं जहां केवल एक या दो शिक्षक हैं। बच्चों की पढ़ाई को अनदेखा कर इन सभी की ड्यूटी लगी है। शिक्षकों की शिकायत पर विचार किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर जो भी आवश्यक होगा वह बदलाव करेंगे। - सौरभ भट्ट, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व

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