प्राइमरी स्कूलों में वाहन नहीं होने का शपथ पत्र देना होगा

Newswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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फॉलोअप - शिक्षा विभाग के अधिकारी शपथ पत्र देने से बच रहे - स्कूली वाहनों

प्राइमरी स्कूलों में वाहन नहीं होने का शपथ पत्र देना होगा

गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। स्कूली वाहनों के सत्यापन का काम पूरा होने का नाम ही नहीं ले रहा। निजी स्कूलों के बाद अब प्राथमिक स्कूलों को अपने यहां के वाहनों का ब्यौरा आरटीओ विभाग को देना होगा। अगर प्राइमरी स्कूलों में कोई वाहन संचालित नहीं है तो विभागीय अधिकारी को शपथ पत्र देना होगा।परिवहन विभाग ने एक तारीख से 15 अप्रैल तक चले स्कूली वाहनों के सत्यापन का कार्य शत प्रतिशत पूरा कर लिया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 1967 स्कूली वाहनों को यूपी इंटिग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (यूपी-आईएसवीएमपी) पर ऑनलाइन किया गया और सभी वाहनों का भौतिक और तकनीकी सत्यापन पूरा किया गया।

लेकिन इसके बाद भी संभागीय परिवहन विभाग का पीछा नहीं छूटा है। आरटीओ विभाग को अब गैर सरकारी के बाद सरकारी स्कूलों के वाहनों को सत्यापित करने का जिम्मा मिल गया है।हालांकि, सरकारी स्कूलों को कोई वाहन बच्चों के परिवहन के लिए नहीं हैं। लेकिन इसका शपथ पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी को देना होगा। अब मुश्किल यह है कि परिवहन आयुक्त और प्रमुख सचिव शिक्षा की ओर से शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी होने के बाद भी शपथ पत्र ऑनलाइन अपलोड नहीं किया गया है। इससे आरटीओ विभाग की परेशानी बढ़ी है। आरटीओ प्रशासन प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि यूपी-आईएसवीएमपी पोर्टल पर सभी स्कूलों की आईडी खुली है, चाहे स्कूल सरकारी हो या फिर गैर सरकारी। जब तक शिक्षा विभाग की ओर से वाहन नहीं होने का शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड नहीं होगा, तब तक विभाग की जिम्मेदारी बनी रहेगी।

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