श्रमिक छोटे सिलेंडर छोड़ घरेलू सिलेंडर की कर रहे मांग
गाजियाबाद, संवाददाता। बढ़ती महंगाई के बीच अब छोटे गैस सिलेंडर की कीमत श्रमिक वर्ग पर

गाजियाबाद, मोहित शर्मा। बढ़ती महंगाई के बीच अब छोटे गैस सिलेंडर की कीमत श्रमिक वर्ग पर भारी पड़ने लगी है। यही कारण है कि शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक अब पांच किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर छोड़कर घरेलू गैस सिलेंडर की मांग कर रहे हैं। गैस की किल्लत के बीच गैस के बढ़े दामों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी हैं। इस बीच सबसे ज्यादा दिक्कत श्रमिकों को हो रही है। श्रमिकों के लिए छोटे सिलेंडर का दाम बढ़ने से घरेलू गैस की तुलना में उनको छोटा सिलेंडर महंगा लग रहा हैं। इसी कारण आपूर्ति विभाग में रोजाना आठ से दस श्रमिक आकर विभाग से घरेलू सिलेंडर की मांग करते हैं।
दरअसल, वर्तमान समय में घरेलू गैस सिलेंडर करीब 910 रुपये में उपलब्ध है, जिसमें 14 किलोग्राम गैस मिलती है। वहीं दूसरी ओर छोटे पांच किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत लगभग 810 रुपये पहुंच गई है। ऐसे में श्रमिकों का कहना है कि मात्र 100 रुपये कम देकर पांच किलोग्राम गैस लेना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। श्रमिकों का कहना है कि पहले छोटे सिलेंडर सस्ते होने के कारण उनका उपयोग ज्यादा किया जाता था। दिहाड़ी मजदूर, किराए के कमरों में रहने वाले परिवार और अस्थायी कामगार आसानी से छोटे सिलेंडर का उपयोग कर लेते थे। लेकिन अब कीमतों में अंतर बेहद कम रह गया है, जबकि गैस की मात्रा में बड़ा फर्क है। ऐसे में घरेलू सिलेंडर ज्यादा दिनों तक चलता है और आर्थिक रूप से भी राहत देता है। बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी में काम करने वाले श्रमिक राकेश कुमार ने बताया कि वह बिहार से निवासी हैं गाजियाबाद में नौकरी करते हैं और अपने परिवार के साथ रहते है। वह बताते हैं कि उनके पास छोटा सिलेंडर था जिसको लेकर दुकानों से आसानी से गैस भराते थे अब गैस की किल्लत के चलते दुकानों पर अधिक दाम में गैस मिल रही हैं। छोटे सिलेंडर की तुलना में घरेलू सिलेंडर सस्ता पड़ रहा है।
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