Ghaziabad News: पति का रहन सहन पसंद न आने पर पत्नी ने तलाक की मांग की
Ghaziabad News: परिवार परामर्श केंद्र - पसंद का साथी न मिलने पर युवा शादी तोड़ने के बहाने

Ghaziabad News: गाजियाबाद, वंदना श्यारौलिया। लोहिया नगर स्थित परिवार परामर्श केंद्र, महिला थाना में शादी के कुछ महीनों बाद ही तलाक की मांग करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ समय में इस तरह के मामलों में तेजी से इजाफा देखा गया है। केंद्र में युवा शादी तोड़ने के लिए अलग-अलग तरह के कारण बताते हैं। केंद्र में शालीमार गार्डन का एक मामला आया, जिसमें युवती ने पति के लाइफस्टाइल को लेकर शिकायत की। महिला ने कहा कि पति के रहन-सहन का तरीका उसे अच्छा नहीं लगता। वह साफ-सफाई नहीं रखता और उसके साथ रोका-टोकी भी करता है। युवती के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने को लेकर भी उनके बीच विवाद रहता है। दोनों अलग-अलग कंपनी में नौकरी करते हैं। दोनों की शादी के अभी डेढ़ साल हुए हैं। मामले में चार बार काउंसलिंग कर समझौता कराया गया। दोनों को समझाकर एक दूसरे को आखरी मौका देने के लिए कहा गया है।
केस 1
पति करता है कंजूसी
इंदिरापुरम के रहने वाले एक युवक की शादी छह महीने पहले कामकाजी युवती से हुई थी। युवक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। पत्नी का कहना है कि पति की लाइफस्टाइल बेहद कंजूसों वाली है और वह उसकी पसंद के ब्रांड्स या वीकेंड आउटिंग्स को फिजूलखर्ची बताता है। वैचारिक मतभेद इस हद तक बढ़े कि बात तलाक तक आ गई थी। मामले में कई काउंसलिंग कर दोनों के बीच समझौता कराया गया।
केस 2:
पर्सनल स्पेस न मिलने से मतभेद
वसुंधरा में आईटी सेक्टर के एक जोड़े की शादी को अभी चार महीने ही हुए थे। दोनों का वर्कफ्रॉम होम था। दिनभर चौबीसों घंटे साथ रहने के कारण उनके बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े शुरू हो गए। दोनों का मानना है कि उनकी पर्सनल स्पेस खत्म हो चुकी है और वे एक-दूसरे के स्वभाव के अनुकूल नहीं हैं। तीन बार काउंसलिंग कर दोनों के बीच समझौता कराया गया।
केस 3 :
पारिवारिक रहन-सहन नहीं पसंद
लोनी के एक अन्य मामले में युवती ने शादी के दो महीने बाद ही अपनी सास और पति के रहन-सहन के कारण मामला दर्ज कराया। युवती का कहना है कि ससुराल वालों के पारिवारिक रहन सहन के तौर-तरीकों अलग हैं। उसका कहना है कि वह इस पारंपरिक माहौल में खुद को नहीं ढाल पा रही है। उसे अपनी पसंद का आधुनिक साथी नहीं मिला। दोनों की काउंसलिंग की जा रही है। मामले में दो बार सुनवाई हो चुकी है₹
वर्जन
केंद्र में 550 से ज्यादा मामलों की सुनवाई चल रही है। इसमें लगभग 200 मामले ऐसे हैं, जिनमें दंपति की शादी को एक या दो साल हुए हैं। कई मामले तो शादी के एक या दो महीने बाद के हैं। इन मामलों में छोटे छोटे कारण बताकर युवा तलाक की मांग करते हैं। इन मामलों में बाद में पसंद की शादी न होने का अहम कारण रहता है और इसलिए कई बार समझौते की गुंजाइश भी कम होती है।
- पुष्पा सिंह, परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी
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