
ज्वेलरी और लिफाफा बनाकर महिलाएं लखपति बनेंगी
प्रधानमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लिफाफे बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 35 महिलाएं मुरादनगर में और 35 महिलाएं लोनी में प्रशिक्षण ले रही हैं। इससे महिलाएं अपने उत्पादों को ऑनलाइन और थोक बाजार में बेचकर लखपति बन सकेंगी।
- प्रधानमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है - 35 महिलाओं को मुरादनगर में आर्टिफिशियल ज्वेलरी , 35 महिलाओं को लोनी में लिफाफे बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा गाजियाबाद, मोहित शर्मा। जिले की ग्रामीण महिलाओं के घरेलू उत्पाद देशभर में अपनी पहचान बना सकेंगे। उत्पादों को ऑनलाइन और थोक बाजार में बेचकर महिलाएं लखपति बन सकेंगी। महिलाओं को उनकी आय बढ़ाने के लिए ज्वेलरी और लिफाफे बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत दिया जाता है। ये महिलाएं अपने हुनर से ऑर्गेनिक अचार, मुरब्बा, पापड़, चिप्स जैसे खाद्य पदार्थ और जुट से बनी टोकरी या अन्य सजावट के सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लिफाफे बनाकर थोक विक्रेता या सरकारी कार्यक्रमों में स्टॉल लगाकर बेचती हैं।
अब इसके तहत जिले की 35 महिलाओं को आर्टिफिशियल ज्वेलरी और 35 महिलाओं को लिफाफे बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रूटसेट संस्था द्वारा मुरादनगर में आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लोनी में लिफाफे बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ग्राम विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 46 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया, जिनसे लगभग 500 महिलाओं को जोड़ा गया। समूह की महिलाओं को विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वह अपना रोजगार स्थापित कर सकें। अधिकारी ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के पहले जो महिलाएं घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, आज वे खुद को एक सफल उद्यमी के रूप में देख रही हैं। ---- जिले में 2400 सहायता समूह की करीब 12 हजार महिलाएं उत्पाद बनाकर बेचती है लखपति दीदी योजना के तहत 400 समूह बनाए गए हैं, जिनसे 12 हजार 536 महिलाएं जुड़ी हैं। ये महिलाएं त्योहार के दिनों में सजावट के सामान से लेकर विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद बनाकर तो वहीं सामान्य दिनों में मुरब्बे, अचार, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लिफाफे बनाकर बेचती हैं। इन महिलाओं में से अभी तक जनपद की 7408 महिलाएं अपने उत्पाद बेचकर लखपति बनी हैं। ----- वर्जन स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने का काम कर रहे हैं। समूह से जुड़ी महिलाओं की यह उपलब्धि न केवल आर्थिक विकास का संकेत है, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। -अभिनव गोपाल, मुख्य विकास अधिकारी

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