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22 नवंबर, 2020|9:00|IST

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शवदाह गृह के पास खुले में फेंकी जा रही पीपीई किट

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-कोरोना संक्रमित मरीजों का शव फूंकने के बाद शवदाह गृह पर बरती जा रही है घोर लापरवाही

-पीपीई किट को नष्ट करने के लिए एनजीटी और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी गाइडलाइंस का हो रहा उल्लंघन

गाजियाबाद। संवाददाता

कोरोना मरीजों की मौत के बाद शवदाह गृह पर पीपीई किट के डिस्पोजल को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। मरीज की मौत के बाद परिजन पीपीई किट को हिंडन किनारे खुले में ही फेंककर चले जाते हैं। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा पीपीई किट के उपयोग के बाद नष्ट करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग और एनजीटी की गाइडलाइंस का भी उल्लंघन किया जा रहा है।

जनपद में कोरोना से मरने वाले मरीजों का अंतिम संस्कार हिंडन इलेट्रिक शवदाह गृह में किया जाता है। इस दौरान सिर्फ परिजनों को ही पीपीई किट पहनकर अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। अंतिम संस्कार के बाद पीपीई किट डिस्पोजल का एक नियम होता है। स्वास्थ्य विभाग और एनजीटी की गाइडलाइंस के अनुसार ही पीपीई किट नष्ट की जाती हैं, लेकिन अब इन नियमों की जमकर अनदेखी की जा रही है। पीपीई किट को हिंडन नदी के किनारे खुले में फेंका जा रहा है। इससे कोरोना का और अधिक संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। एनजीटी और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस के अनुरूप अंतिम संस्कार कर पीपीई किट को डिस्पोज करना होता है। मृतकों के परिजनों द्वारा बरती जा रही लापरवाही और स्वास्थ्य अफसरों की अनदेखी इसके संक्रमण को और अधिक बढ़ा सकती है। वहीं सीएमओ डॉ एनके गुप्ता ने बताया कि कोविड नियमों के तहत ही अंतिम संस्कार किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग और एनजीटी ने गाइडलाइंस जारी की हुई है। यदि नियमों के विपरीत अंतिम संस्कार किया जा रहा है और पीपीई किट को खुले में फेंका जा रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title:PPE kit being thrown in the open near crematorium