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Hindi News NCR गाज़ियाबाद OPINION: जय श्रीराम का नारा प्रकरण- क्या कॉलेजी शिक्षा हिन्दू विमुख होने के लिए प्रेरित कर रही है?

OPINION: जय श्रीराम का नारा प्रकरण- क्या कॉलेजी शिक्षा हिन्दू विमुख होने के लिए प्रेरित कर रही है?

जैसे ही जय श्री राम नारे वाला वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर शोर मचा वैसे ही लोगों ने विरोध करना आरम्भ कर दिया। प्रश्न जायज भी है कि आखिर क्यों प्रभु श्रीराम का नारा लगाने पर विरोध हो?

OPINION: जय श्रीराम का नारा प्रकरण- क्या कॉलेजी शिक्षा हिन्दू विमुख होने के लिए प्रेरित कर रही है?
Devesh Mishraबरखा त्रेहन,गाजियाबादSun, 22 Oct 2023 10:13 PM
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बरखा त्रेहन
भारत में और वह भी उत्तर प्रदेश में जहां पर एक योगी मुख्यमंत्री का शासन है, क्या वहाँ पर भी यह हो सकता है कि जय श्रीराम के नारे लगाने पर बच्चों के विरुद्ध कार्रवाई हो जाए? क्या जय श्रीराम का नारा लगाने पर बच्चों को कॉलेज के किसी प्रोग्राम में स्टेज से उतारा जा सकता है, उसे लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की जा सकती है और फिर उसे ठीक भी ठहराया जा सकता है?

यदि यह कहा जाए कि यह सब हुआ और उत्तर प्रदेश में हुआ, तो सहज विश्वास नहीं आएगा क्योंकि यह हमारी अपेक्षा से परे है। यह हुआ गाज़ियाबाद के एक कॉलेज में। जहां पर एक बच्चे ने मंच पर चढ़कर साथियों का अभिवादन करते हुए जय श्रीराम कह दिया। और उसके ऐसा करते ही उसे एक शिक्षिका द्वारा मंच से नीचे उतार लिया गया।

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर शोर मचा वैसे ही लोगों ने विरोध करना आरम्भ कर दिया। प्रश्न जायज भी है कि आखिर क्यों प्रभु श्रीराम का नारा लगाने पर विरोध हो? और ऐसा क्या गलत कह और कर दिया था? लोगों ने शोर मचाया और उसके बदले में आरोपी शिक्षिका ने वीडियो जारी करके अपनी सफाई दी। यह सफाई कम और उस विद्यार्थी पर आक्षेप अधिक थी। इसमें उन्होंने कहा कि चूंकि वह सनातनी परम्परा को मानने वाली हैं और शारदीय नवरात्रि में वह विधि विधान से पूजा करती हैं, अत: प्रभु श्रीराम को लेकर न ही उन्हें कोई समस्या है और न ही होगी।

परंतु यह सफाई क्या उस पीड़ा को कम कर सकती है, जो लाखों हिन्दू लोगों को हुई कि लड़के को जय श्रीराम बोलने को लेकर मंच से नीचे उतार दिया गया? हालांकि जब मामला बढ़ा तो कॉलेज की ओर से जांच की गई और जांच के बाद दोनों ही शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया। अब ऐसे में प्रश्न कई उठते हैं? सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी यह कि क्या कथित पढ़ाई का झंडा उठाने वाले लोग हिन्दू जड़ों से कटे हुए लोग होते हैं?

क्या जैसे-जैसे इंसान किताबें पढ़ता जाता है वह अपनी हिन्दू पहचान से विमुख होता जाता है? यदि ऐसा नहीं है तो क्या कारण है कि स्कूल और कॉलेज जैसे शिक्षा के संस्थानों में बहुसंख्यक हिन्दू धर्म को निरंतर अपमानित किया जाता है? आखिर क्यों ऐसी घटनाएं होती हैं, कि जिनके चलते हिन्दू समाज को न्याय के लिए शोर मचाना पड़ता है?
और एक और प्रश्न कि जय श्रीराम का नारा भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में लगाया जाएगा?

लेखिका एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और महिला-केंद्रित कानूनों के दुरुपयोग के खिलाफ खुलकर बोलती और लिखती हैं।