जनपद के शिक्षक नई तकनीक और डिजिटल दक्षता से लैस होंगे
- निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल पर लाइव हुआ - शिक्षकों

गाजियाबाद, वंदना। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से लाइव कर दिया गया है। इसके तहत प्री-प्राइमरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन मोड में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में शिक्षकों को नई तकनीक, आधुनिक शिक्षण पद्धति और डिजिटल दक्षता से लैस करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए यह अभियान चलाया गया है। यह पहल शिक्षकों की कार्यक्षमता को बढ़ाने और उनके डिजिटल कौशल को निखारने पर केंद्रित है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनपद के शिक्षक नामांकन करा रहे हैं। अभी तक जनपद के 250 से अधिक शिक्षक नामांकन करा चुके हैं।
प्रशिक्षण का महत्व
एआरपी विनिता त्यागी ने कहा कि इससे पहले आधुनिक शिक्षा के जुड़ा ऑफलाइन प्रशिक्षण भी शिक्षकों को दिया गया था। यह प्रशिक्षण शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में चल रहीं नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण के जानकारी देने में बहुत मदद करता है। इससे बच्चों को पढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
नामांकन प्रक्रिया
21 मई से नामांकन शुरू
निष्ठा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों का ऑनलाइन नामांकन 21 मई 2026 से शुरू हो चुका है। नामांकन और कोर्स पूरा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त तय की गई है। इसके बाद सभी स्वीकृत पाठ्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक संचालित किए जाएंगे। शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी और डायट मेंटर्स को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन और समयबद्ध प्रशिक्षण पूरा कराए।
एडवांस लर्निंग मॉडल
तीन श्रेणियों में बंटा एडवांस लर्निंग मॉडल
प्रशिक्षण में तीन श्रेणियों में एडवांस लर्निंग मॉडल को बांटा गया है। पहली श्रेणी में प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक के शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी सीखने की कड़ियों से जोड़ा जाएगा। दूसरी श्रेणी में कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को भाषा और गणितीय दक्षता आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धतियां सिखाई जाएंगी। तीसरी श्रेणी में उच्च स्तर के शिक्षकों के लिए साइबर हाइजीन, ई-वेस्ट के खतरे, एक्शन रिसर्च और जल संरक्षण से जुड़े कैच द रेन जैसे बेहद प्रासंगिक और व्यावहारिक विषयों के एडवांस कोर्स शामिल किए गए हैं।
शिक्षकों की भागीदारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ने के लिए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है। यह कार्यक्रम शिक्षकों को बेहतर बनाने के साथ बच्चों को भविष्य के तैयार करने में भी मदद करेगा। शिक्षक कार्यक्रम में रुचि दिखा रहे हैं और कार्यक्रम के लिए लगातार नामांकन किए जा रहे हैं।
- ओपी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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