दहेज प्रताड़ना, अश्लीलता और 42 लाख हड़पने का आरोप
शास्त्रीनगर में रहने वाली विवाहिता ने पति, सास, जेठ-जेठानी और ननद-ननदोई पर दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी से पहले 42 लाख रुपये लिए गए थे, लेकिन बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

-शास्त्रीनगर में रहने वाली विवाहिता ने जेठ और ननदोई पर अमर्यादित आचरण ता आरोप भी लगाया -पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद कविनगर थाने में ससुराल पक्ष के सात लोगों पर मुकदमा दर्ज
गाजियाबाद, योगेन्द्र सागर। शास्त्रीनगर निवासी विवाहिता ने पति, सास, जेठ-जेठानी, ननद-ननदोई समेत सात लोगों के खिलाफ कविनगर थाने में दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता के मुताबिक शादी से पहले पति को सफल कारोबारी बताकर 42 लाख रुपये लिए गए, लेकिन बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
शादी की जानकारी
पीड़िता ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी चार जुलाई 2025 को दिल्ली के शाहदरा निवासी आशीष गुप्ता से हुई थी। हापुड़ निवासी अमित सिंघल ने यह रिश्ता कराया है। आरोप है कि शादी से पहले पति को आर्थिक रूप से संपन्न और सफल व्यवसायी बताया गया। इसी भरोसे पर परिवार ने शादी में भारी खर्च किया। पीड़िता के मुताबिक ससुरालियों ने पति के कारोबार के लिए 42 लाख रुपये की मांग की थी। कहा गया था कि छह माह के भीतर बैंक ब्याज दर के अनुसार रकम वापस कर दी जाएगी। उसके पिता ने दो किश्तों में 30 लाख और 12 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए। आरोप है कि छह माह बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि ससुराल पहुंचने के बाद पहले ही दिन उसका जेठ कमरे में आया और उसके साथ अनुचित तरीके से छूने का प्रयास किया। विरोध करने पर जेठानी ने कहा कि उसका पति ही पूरे घर और कारोबार का मालिक है और उसका पति केवल नौकर की तरह है, इसलिए उसे चुप रहना होगा। इसके बाद सास, जेठ, जेठानी और ननद द्वारा लगातार कम दहेज लाने के ताने दिए जाने लगे। आरोप है कि जेठ के लिए सोने की चेन और अन्य महंगे उपहारों की मांग की जाती रही। शादी के बाद उसे पता चला कि पति का कोई स्वतंत्र कारोबार नहीं है।
अनुचित हरकतें
पीड़िता का कहना है कि एक सितंबर 2025 और 15 अक्तूबर 2025 को गाजियाबाद के अस्पताल में ननदोई ने उसके साथ अनुचित हरकत की। शिकायत करने पर सास और ननद ने मामले को दबाने का दबाव डाला। पीड़िता का कहना है कि उत्पीड़न से परेशान होकर वह दो सितंबर 2025 को मायके आ गई। दिसंबर 2025 में भी समझौते के नाम पर सोने के आभूषणों की मांग की गई, जिसे परिवार ने दबाव में पूरा किया। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे और जनवरी 2026 में भी उसके परिवार को धमकाकर घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके सोने-हीरे के आभूषण, नगदी, महंगे कपड़े और अन्य सामान समेत करीब 75 लाख रुपये का स्त्रीधन अभी भी ससुराल पक्ष के कब्जे में है। कई बार मांगने के बावजूद सामान वापस नहीं किया गया। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य का कहना है कि 20 मई को महिला के ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी.
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