Ghaziabad News: मानसून की झमाझम बारिश में तीन स्थानों से छत गिरी

हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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Ghaziabad News: गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में दो दिनों की लगातार बारिश से छत का प्लास्टर गिरने से बड़ा हादसा टल गया। महिला वार्ड समेत दो ब्लॉकों को मरीजों से खाली कराया गया है। पुरानी इमारत को जर्जर घोषित किया जा चुका है, जबकि बारिश के कारण कई कमरों से पानी टपक रहा है।

Ghaziabad News: मानसून की झमाझम बारिश में तीन स्थानों से छत गिरी

Ghaziabad News: गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। दो दिनों से लगातार हो रही मानसूनी बारिश से एमएमजी अस्पताल की जर्जर इमारत पर खतरा मंडरा रहा है। गुरुवार को महिला वार्ड समेत तीन स्थानों पर छत का प्लास्टर गिरने से बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद ब्लॉक- ए और बी को खाली करा दिया गया। एमएमजी अस्पताल में गुरुवार को डिस्पेंसरी के कमरा नंबर-17, एक्स-रे रूम के सामने और ब्लॉक-ए में पिछले हिस्से में छत का प्लास्टर ईंटों की पपड़ी के साथ गिर गया। गनीमत यह रही कि घटना वाले स्थानों पर कोई मरीज मौजूद नहीं था। इसके बाद ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी को मरीजों से खाली करा दिया। सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल अत्यंत गंभीर और जरूरी मरीजों को ही भर्ती किया जाए। सीएमएस डा. राकेश कुमार का कहना है कि छत गिरने से किसी मरीज को चोट या कोई हादसा ना हो जाए, इसलिए एहतियातन दो वार्डों को खाली करा दिया गया है। मरीजों को संयुक्त अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा。

पुरानी इमारत की स्थिति

बारिश से इमारत की छतों में सीलन बढ़ गई है और कई कमरों से पानी टपक रहा है। वर्ष 1956 में बनी इस इमारत को वर्ष 2022 में जर्जर घोषित किया जा चुका है। क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण अधूरा होने से अस्पताल को नई बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। दो बार समय सीमा बढ़ने के बाद भी करीब 20 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है।

गायनी वार्ड की समस्या

लगातार बारिश का असर संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में भी दिखाई देने लगा है। निचले तल पर बने गायनी वार्ड के एक कमरे की छत से पानी टपकने लगा, जिससे भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कमरे में जगह-जगह पानी टपकने के कारण फर्श गीला हो गया। इसकी वजह से कमरे से मरीजों को दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। सीएमएस डा. संजय गुप्ता का कहना है कि कमरे में पानी टपकने का कारण जानने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द मरम्मत करा दी जाएगी। उलहाल कमरे को खाली कर दिया गया है।

डूंडाहेड़ा अस्पताल की बिजली संकट

डूंडाहेड़ा स्थित 50 बेड अस्पताल में गुरुवार को 10 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने से औपीडी और वार्डों में अंधेरा छा गया। सीएमएस डा. अतुल आनंद का कहना है कि बिजली विभाग को अस्पताल का फीडर अलग करने को लेकर कई बार पत्र लिख चुके हैं। अब कार्य विजली विभाग की तरफ से लंबित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦एमएमजी अस्पताल में छत का प्लास्टर कब गिरा?−
गुरुवार को महिला वार्ड समेत तीन स्थानों पर छत का प्लास्टर गिरने से बड़ा हादसा टल गया।
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