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मुफ्त के चक्कर में साढ़े चार लाख रुपये गंवाए

-फ्री इंटरनेट, अनलिमिटेड कॉल्स व एसएमएस का लालच देकर खाते से उड़ाए रुपएट्रांस हिंडन। प्रमुख संवाददाताफ्री इंटरनेट, अनलिमिटेड कॉल और एसएमएस का लालच देकर एक व्यक्ति के खाते से 4.54 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। बैंक स्टेटमेंट आने पर पीड़ित को ठगी का पता चला। युवक ने मामले की शिकायत इंदिरापुरम पुलिस से की मगर दो महीने तक मुकदमा तक दर्ज नहीं हुआ। थककर जिलाधिकारी से शिकायत की, तब जाकर रिपोर्ट दर्ज हो पाई। वैशाली निवासी जसबीर सिंह एनटीपीसी दादरी में सीनियर एक्जीक्यूटिव सेक्रेटरी हैं। उन्होंने बताया कि बीती 26 मार्च को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एक सेल्युलर नेटवर्क कंपनी का कर्मचारी बताया। साथ ही एक प्लान की जानकारी दी। इसके मुताबिक उन्हें 28 जीबी डाटा 28 दिन के लिए मिलेगा। साथ ही दो माह तक उन्हें अनलिमिटेड कॉल्स और एसएमएस की भी सुविधा मिलेगी। इस प्लान को एक्टिवेट कराने के लिए जसबीर को अपने मोबाइल से एक एसएमएस करने को कहा गया। एसएमएस करना पड़ा महंगाजसबीर ने बताया कि ऑफर के लालच में उन्होंने ठगों की तरफ से मिले एसएमएस के जवाब में एक लिखकर भेज दिया। एसएमएस भेजने के कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल का नेटवर्क गायब हो गया। अगले दिन जसबीर सेल्युलर नेटवर्क कंपनी के ऑफिस में पहुंचे और नेटवर्क में हो रही दिक्कत के बारें में जानकारी ली। इस पर उन्हें बताया गया कि नेटवर्क में कोई दिक्कत नहीं है। जसबीर ने पूरी बात बताई तो कंपनी के अधिकारी ने तुरंत जसबीर को बैंक जाकर खाते की जांच करने को कहा। क्योंकि कंपनी के नेटवर्क में कोई समस्या थी ही नहीं। नेटवर्क गायब होने से रुपये निकलने का एसएमएस नहीं मिलाजसबीर सेल्युलर कंपनी के दफ्तर से सीधे आईसीआईसीआई बैंक की शाखा पहुंचे। पूछताछ करने पर पता चला कि उनके खाते से करीब 4.54 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। जसबीर ने बताया कि 26 व 27 मार्च को ही उनके दो बैंक खातों से रुपये निकाले गए। पहले खाते से 99,860 रुपए ट्रांसफर किए गए। जबकि दूसरे खाते से 3,54,069 रुपये। जसबीर ने बताया कि एसएमएस के जरीए रुपये ट्रांजेक्शन की जानकारी उन्हें न हो सके, इसके लिए ठगों ने उनके मोबाइल का नेटवर्क ही गायब कर दिया था। डीएम के आदेश पर दर्ज हुआ केसबैंक से जानकारी लेने के बाद 28 मार्च को ही जसबीर सिंह शिकायत दर्ज कराने गए इंदिरापुरम कोतवाली गए थे मगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। जसबीर का आरोप है कि आरोप है कि जांच के नाम पर पुलिस उन्हें चक्कर कटवाती रही। पुलिस से मदद न मिलने पर जसबीर अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे। डीएम के आदेश इंदिरापुरम कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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