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मौत से पहले नवविवाहिता दिए बयान से सास को उम्रकैद, पति बरी

-आरोपी नाबालिग ननद पर किशोर न्यायालय में चल रहा है मुकदमा-मसूरी थाना क्षेत्र में साल भर विवाहिता को जलाकर मारने की घटना- बुलंदशहर जनपद का रहने वाला नवविवाहिता का परिवारगाजियाबाद। कार्यालय संवाददातामसूरी क्षेत्र में साल भर पहले नवविवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी सास को अदालत से उम्र कैद की सजा सुनाई गई। वहीं, पत्नी के बयान के आधार व पुख्ता साक्ष्यों के अभाव में नवविवाहिता के पति को बरी कर दिया। नाबालिग ननद में हत्या का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।अपर जिला जज जगदीश प्रसाद की अदालत से बुधवार को यह फैसला सुनाया गया। अदालत में नवविवाहिता की दहेज हत्या के बाद हत्या की धाराओं में तरमीम मुकदमें की सुनवाई हुई। अदालत ने मृतका के बयान और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सास राजेंद्री देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि साक्ष्य के अभाव में पति सुमित को बरी करने के आदेश दिए। अदालत से भाभी की हत्या में आरोपी नाबालिग ननद की फाइल किशोर न्यायालय में भेज दी गई।मृतका का बयान अहम- जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता संदीप डबास ने बताया कि सजा के मामले में मृतका के कलमबंद बयान अहम साबित हुए। मौत से पहले दिल्ली के अस्पताल में विवाहिता के मजिस्ट्रेटी बयान अहम साबित हुआ। जिंदगी से जूझ रही गुजंन ने बयान में कहा था कि घटना के वक्त 29 अप्रैल 2017 को घर में पति सुमित नहीं था। सास और ननद से दहेज प्रताड़ना के बाद मारपीट की, इसी दौरान ननद मिट्टी का तेल केन से उसके ऊपर डाल दिया। सास राजेंद्री ने माचिस जलाकर उसके शरीर पर फेंक दिया था। कपड़ों और शरीर में आग फैलने से वह चिल्ला रही थी। चीख-पुकार सुनकर तभी पति सुमित बाहर से भागकर घर में घुसा, उसने ही आग बुझाई थी। रिपोर्ट में 50 हजार और बाइक की थी मांगघटना के बाद मृतका के पिता रामा सिंह ने मसूरी थाने में 30 अप्रैल 2017 को दहेज हत्या का मुकदमा कराया था। रिपोर्ट में मृतका के पति सुमित, उसकी सास राजेंद्री देवी और नाबालिग ननद को आरोपी बनाया था। आरोप था कि दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग पूरी नहीं करने पर तीनों ने उसकी पुत्री गुंजन की शादी के तीन माह बाद ही 29 अप्रैल को मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी थी। घटना के अगले दिन गुंजन ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। बुलंदशहर के जहांगीराबाद निवासी रामा सिंह ने जनवरी 2017 में अपनी बेटी गुंजन की शादी मसूरी के गांव मटियाला में सुमित से की थी।अदालत में मृतका के पिता हुए पक्षद्रोही-इस मामले में अपर जिला जज की अदालत में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान मृतका और बचाव पक्ष से कई गवाह गुजरे। इसमें मुख्य गवाह जहांगीरा बाद, बुलंदशहर निवासी मृतका गुंजन के पिता का बयान रहा। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे के वादी और मृतका के पिता रामा सिंह के साथ कई गवाह अदालत में पक्षद्रोही हो गए। उन्होंने अदालत में कलमबंद बयान में दहेज की मांग के आरोपों को नकार दिया। इस बयान से दहेज हत्या का मुकदमा खारिज हो गया। तब अदालत ने स्वत: संज्ञान लेकर नव विवाहिता गुंजन की मौत पर हत्या का वैकल्पिक चार्ज बनाकर सुनवाई शुरू की थी। मुकदमे के सभी आरोपियों पर हत्या के आरोप में सुनवाई हुई।

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  • Web Title:Life before mother s death