
जन औषधि केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी
गाजियाबाद के संयुक्त जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी है। जांच में 40 प्रकार की निजी कंपनियों की दवाएं बरामद की गई थीं। मरीजों को महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था। औषधि सुरक्षा विभाग ने नियमित जांच की बात कही है।
गाजियाबाद। संयुक्त जिला अस्पताल में निजी कंपनियों की दवा बेचने वाले जन औषधि केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी है। औषधि सुरक्षा विभाग ने इसकी पुष्टि की। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। मंगलवार को संयुक्त जिला अस्पताल की तीन सदस्यीय टीम ने जन औषधि केंद्र पर छापेमारी कर करीब 40 तरह की निजी कंपनियों की दवाएं बरामद की थीं। इनमें एंटीबायोटिक सिरप, टेबलेट और इंजेक्शन तक शामिल थे। सभी दवाओं को सील कर दिया गया है। सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मरीजों को महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा रही। सीएमओ ने औषधि सुरक्षा विभाग को पत्र भेजने के साथ फर्म को भी नोटिस जारी करने की बात कही है। विभाग का कहना है कि जन औषधि केंद्रों की नियमित जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता दोबारा न हो सके। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा का कहना है कि केंद्रों पर केवल प्रधानमंत्री जनऔषधि की जेनरिक दवाएं ही बेची जा सकती हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर दुकान का लाइसेंस को निरस्त करने का प्रावधान है। उन्हें जांच रिपोर्ट मलिने के बाद संबंधित दुकान का लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति शासन को की जाएगी।

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