बिना पैन कार्ड के गर्भवतियों का नहीं खुल रहा बैंक खाता

Newswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
Follow us on Google News
share

गाजियाबाद, संवाददाता। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत गर्भवती महिलाओं के खुलने वाले बैंक बिना पैन कार्ड के गर्भवतियों का नहीं खुल रहा बैंक खाता

बिना पैन कार्ड के गर्भवतियों का नहीं खुल रहा बैंक खाता

गाजियाबाद, संवाददाता। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत गर्भवती महिलाओं के खुलने वाले बैंक खातों पर ब्रेक लग गया है। पैन कार्ड की अनिवार्यता की वजह से गर्भवतियों के बैंक खाते नहीं खुल पा रहे हैं। इसके कारण उन्हें पोषण राशि से हाथ धोना पड़ सकता हैं। महिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव कराए जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसव के बाद प्रसूताओं को शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए पहली या दूसरी प्रसव पूर्व जांच पर गर्भवती को बैंक खाते का ब्यौरा उपलब्ध कराना पड़ता है।

समस्या का कारण

सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रसूता के बैंक खातों में भेजी जाती है लेकिन केंद्र सरकार के नए नियमों के बाद बैंक खाता खोलने के लिए पैन कार्ड को आवस्यक कर दिया है। इसकी वजह से जिन गर्भवतियों का बैंक में खाता नहीं है, उन्हें खाता खुलवाना जरूरी है। ज्यादातर गर्भवतियों के पास पैन कार्ड नहीं होने से उनका बैंक खाता नहीं खुल पा रहा है।

ग्रामीण महिलाओं की स्थिति

सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के साथ है। ऐसे में 1000 रुपये की सहायता के लिए पहले गर्भवतियों को 150 से 200 रुपये खर्च करने होंगे।

पिछले छह महीनों का भुगतान

छह माह से भुगतान नहीं

सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को पिछले छह महीनों से जेएसवाई का लाभ नहीं मिल सका है। बैंक खाते की डिटेल और प्रसव के बावजूद भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे बजट का अभाव बताया जा रहा है।

डॉक्टर का वर्जन

नए वित्तीय वर्ष से पैन कार्ड की अनिवार्यता लागू करने की वजह से गर्भवतियों के बैंक खाते खुलवाने में दिक्कत आ रही है। कुछ बैंकों ने इस नियम को लागू नहीं किया है। उनसे संपर्क करके गर्भवतियों को जेएसवाई का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, सीएमएस, महिला अस्पताल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गर्भवती महिलाओं को कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
गर्भवती महिलाओं को शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।