बिना सूचना आने वालों जमातियों की होगी वापसी
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। जमातों के सत्यापन को लेकर अलर्ट के बाद कमिश्नरेट पुलिस और खुफिया

गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। जमातों के सत्यापन को लेकर अलर्ट के बाद कमिश्नरेट पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की प्रबंध कमेटियों और जिम्मेदार पदाधिकारियों को पहले से ही निर्देशित किया जा चुका है कि बाहर से आने वाली किसी भी जमात की सूचना कम से कम दो महीने पहले देना अनिवार्य होगा, ताकि उनका सत्यापन कराया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक गाजियाबाद देश की राजधानी दिल्ली से सटा जिला होने के कारण संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसी वजह से यहां बाहरी गतिविधियों और धार्मिक जमातों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि नवंबर 2025 में दिल्ली के लालकिला ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू की थी।उसी के बाद से बिना पूर्व सूचना जिले में आने वाली जमातों को वापस भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धार्मिक स्थलों से जुड़े जिम्मेदार लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई जमात बिना सूचना पहुंचती है तो इसकी तत्काल जानकारी स्थानीय पुलिस और एलआईयू को दी जाए। सत्यापन पूरा होने तक ऐसे लोगों को ठहराने से भी मना किया गया है।सूत्रों के मुताबिक प्रदेश स्तर पर जारी अलर्ट के बाद अब बड़े धार्मिक स्थलों में आने-जाने वालों का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। खुफिया एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि विभिन्न जिलों में आने वाली जमातें कहां से आती हैं और उनका उद्देश्य क्या है। अधिकारियों का दावा है कि जनवरी 2026 के बाद कमिश्नरेट में कोई नई जमात नहीं आई है। बावजूद इसके सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और संवेदनशील इलाकों से नियमित फीडबैक लिया जा रहा है।
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