कफ सिरफ तस्करी में दो मुख्य आरोपियों की साढ़े 12 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

Mar 08, 2026 05:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
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गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह

कफ सिरफ तस्करी में दो मुख्य आरोपियों की साढ़े 12 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो मुख्य आरोपियों और उनके परिजनों के नाम पर खरीदी गई साढ़े 12 करोड़ की संपत्ति रविवार को फ्रीज कर दी। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई एनडीपीएस ऐक्ट के तहत की गई। पूर्व में एक आरोपी की दो करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।डीसीपी नगर एवं मुख्यालय धवल जायसवाल ने बताया कि तीन नवंबर 2025 को क्राइम ब्रांच की टीम ने सोनभद्र पुलिस के साथ कार्रवाई करते हुए मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में बरेली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम पर छापा मारा था। यहां चार ट्रकों में चूने के कट्टों के बीच छिपाकर रखी गई 3.40 करोड़ की प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की थी।

इस दौरान पुलिस ने ट्रांसपोर्टर संतोष भड़ाना समेत सौरभ त्यागी, शादाब, शिवकांत उर्फ शिव, अंबुज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, दीपू यादव और सुशील यादव को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच में सामने आया कि इंदिरापुरम थानाक्षेत्र के गांव मकनपुर निवासी सौरभ त्यागी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पूरे नेटवर्क की कमान संभाल रहा था। वह प्रतिबंधित कफ सिरप को अलग-अलग स्थानों से इकट्ठा कर ट्रांसपोर्ट के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में भिजवाता था। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था और बांग्लादेश तक कफ सिरप की तस्करी की जा रही थी। डीसीपी ने बताया कि सहारनपुर के शास्त्री नगर निवासी विभोर राणा और विशाल सिंह लंबे समय से अपने साथियों के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। इस अवैध कारोबार से अर्जित धन से आरोपियों ने कई जगह जमीन, मकान और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं, जिन्हें पुलिस ने रविवार को फ्रीज कर दिया है।अन्य राज्यों के लिए भेजते थेडीसीपी के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सरगना विभोर राणा ने सहारनपुर में जीआर ट्रेडिंग नाम से एक कंपनी पंजीकृत करा रखी थी। इसके अलावा दिल्ली के पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र और गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र की कुछ फार्मा कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर कफ सिरप की सप्लाई का नेटवर्क बनाया गया था। आरोपी इन फर्मों के माध्यम से बड़ी मात्रा में कफ सिरप एकत्र कर उसे अन्य राज्यों में तस्करी के जरिए भेजते थे।आय से अधिक संपत्ति का खुलासाजांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की आर्थिक स्थिति और आय के स्रोतों की भी जांच की। जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच विभोर राणा और उसकी पत्नी विशाखा, विशाल सिंह व उसकी पत्नी निशा रानी और परिवार के अन्य सदस्यों की घोषित कुल आय करीब नौ करोड़ रुपये थी, लेकिन इसी अवधि में इन लोगों ने 22.67 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति खरीद ली। इससे स्पष्ट हुआ कि करीब 13.58 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई है। इसी आधार पर पुलिस ने करीब 12.55 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की है।फ्रीज संपत्ति में जमीन, मकान और लग्जरी वाहन शामिलडीसीपी नगर ने बताया कि फ्रीज की गई संपत्तियों में सहारनपुर के विभिन्न इलाकों में स्थित प्लॉट, कोठियां, मकान और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि शामिल हैं। इसके अलावा गिरोह के पास से एक लग्जरी ग्लॉस्टर कार, दो ट्रैक्टर भी संपत्ति के रूप में चिह्नित किए गए हैं। डीसीपी ने बताया कि इन संपत्तियों को आरोपियों और उनके परिजनों के नाम पर खरीदा गया था, ताकि अवैध कमाई को छिपाया जा सके। संपत्ति फ्रीज करने के आदेश आरोपियों के परिजनों को भी तामील करा दिए हैं। डीसीपी का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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