Hindi NewsNcr NewsGhaziabad NewsHealth Department Issues Strict Guidelines for Ayushman Card Holders to Prevent Deposit Collection at Night
 आयुष्मान कार्ड धारक रात्रि में भर्ती हुए तो पैसा जमा नहीं कराएंगे अस्पताल

आयुष्मान कार्ड धारक रात्रि में भर्ती हुए तो पैसा जमा नहीं कराएंगे अस्पताल

संक्षेप: सख्ती - स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान पैनल के सभी अस्पतालों को जारी किए निर्देश- आयुष्मान कार्ड धारकों के शिकायतें थी कि अस्पताल पहुंचने पर जमा कराई जा रही धरोहर राशि गाजियाबाद, संवाददाता। आयुष्मान भारत...

Thu, 13 Nov 2025 05:18 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गाज़ियाबाद
share Share
Follow Us on

सख्ती - स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान पैनल के सभी अस्पतालों को जारी किए निर्देश - आयुष्मान कार्ड धारकों के शिकायतें थी कि अस्पताल पहुंचने पर जमा कराई जा रही धरोहर राशि गाजियाबाद, संवाददाता। आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा लेने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान पैनल के सभी अस्पतालों को निर्देश दिए है कि यदि कोई आयुष्मान कार्ड धारक रात के समय भर्ती होता है तो अस्पताल कोई पैसा जमा ना कराएं, अन्यथा अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गाजियाबाद जिले में 8,94,734 लाभार्थी हैं। इनमें से 5,70,116 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इसके साथ ही 70 की उम्र पार कर चुके 31417 बुजुर्गों के कार्ड भी बने हैं। जिले में आठ सरकारी अस्पताल और 85 निजी अस्पताल भी आयुष्मान योजना के पैनल से जुड़े हुए हैं। जहां पर आकस्मिक स्थिति में मरीज को भर्ती करके उपचार करने की सुविधा दी गई है। अभी तक जिले में 99474 लोग इलाज करा चुके हैं। इनमें से 94322 मरीजों के बिल का भुगतान अस्पतालों को किया गया है। हालांकि लोगों की शिकायत है कि रात्रि में भर्ती होने पर निजी अस्पताल के संचालक मरीजों के परिजनों से 10 से 20 हजार रुपए धरोहर राशि जमा करा लेते हैं और कार्ड से इलाज के बाद भी पैसा वापस नहीं कर रहे। इससे मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इन शिकायतों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रात्रिकालीन भर्ती मरीजों से कोई धरोहर राशि नहीं ली जाएगी। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डा. राजेश तेवतिया ने कहा कि अगर किसी मरीज ने गोल्डन कार्ड सक्रिय होने के बावजूद पैसा जमा कराने की शिकायत की तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदीप वर्मा