
हिंडन को दूषित होने से बचाने की तैयारी
गाजियाबाद में हिंडन नदी को दूषित होने से बचाने के लिए चार बड़े नालों पर काम किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली विशेषज्ञ नालों के पानी को शोधित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहे हैं। यह प्रक्रिया हिंडन नदी को सुरक्षित रखने और स्वच्छ जल उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। हिंडन को दूषित होने से बचाने के लिए शहर के चार बड़े नालों पर काम किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ हिंडन में गिरने वाले नालों के पानी को कैसे शोधित किया जाए इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट एक सप्ताह में नगर निगम को मिलने की उम्मीद है। इसके बाद हिंडन में गिरने वाले चार नालों पर काम शुरू होगा। हिंडन नदी सहारनपुर से शुरू होकर गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में यमुना में मिल रही रही है। सहारनपुर से नोएडा तक नदी के दोनों तरफ 500 से ज्यादा छोटी और बड़ी फैक्टरी हैं। कई फैक्टरियों का दूषित पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
गाजियाबाद शहरी क्षेत्र के सात नाले नदी में गिर रहे हैं। एसटीपी भी सही काम नहीं कर रहे। इस कारण पानी शोधित नहीं हो पाता। ऐसे में हिंडन नदी दूषित हो रही है। निगम के जलकल विभाग राहुल विहार, कैला भट्टा, प्रताप विहार और सिटी फॉरेस्ट नाले के पानी को शोधित करने के लिए आईआईटी दिल्ली से डीपीआर तैयार करा रहा है। विशेषज्ञ बताएंगे कि नालों को कैसे टेपिंग किया जाएगा। नालों के पानी को शोधित करने का नए तरीका बताया जाएगा। आईआईटी दिल्ली नालों के सर्वेक्षण, विश्लेषण और उपचार के तरीकों की तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर जलकल विभाग को देगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया यह प्रक्रिया हिंडन नदी को बचाने और स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आईआईटी दिल्ली की डीपीआर मिलने के बाद हिंडन नदी में गिरने वाले नालों पर काम शुरू कराया जाएगा।

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