Ghaziabad will build smart city - गाजियाबाद स्मार्ट सिटी बनेगा DA Image
13 दिसंबर, 2019|4:02|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गाजियाबाद स्मार्ट सिटी बनेगा

-अनुपूरक बजट से सात शहरों के लिए 350 करोड़ मांगा गया-गाजियाबाद के अलावा प्रदेश के छह शहर भी स्मार्ट सिटी बनेंगेगाजियाबाद-लखनऊ हिटीप्रदेश सरकार अपने दम पर गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी बनाएगी। इसमें साफ-सफाई, यातायात के बेहतर साधन, 24 घंटे जलापूर्ति और वाईफाई आदि की सुविधा मिलेगी। गाजियाबाद के अलावा सरकार गोरखपुर, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर को भी स्मार्ट सिटी बनाने जा रही है। इसके लिए नगर विकास विभाग ने अनुपूरक बजट से 350 करोड़ रुपये शुरुआती बजट की मांग की है। केंद्र सरकार ने 100 शहर स्मार्ट बनाने की घोषणा की, लेकिन पिछले साल गाजियाबाद स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हो गया था। इसके बाद नगर निगम और प्रशासन स्तर से शहर में काफी विकास कार्य कराए। इसका परिणाम यह रहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद ने देश में 13वां और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। प्रदेश सरकार अब अपने दम पर गाजियाबाद समेत सूबे के छह शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने जा रही है। शुरुआती दौर में इन सभी शहरों को 50-50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इसके आधार पर अनुपूरक बजट से सातों शहरों के लिए 350 करोड़ रुपये की मांग की। इसके बाद इन शहरों को आम बजट से पैसे दिलाया जाएगा। इन सातों शहरों को स्मार्ट बनाने पर जितना भी पैसा खर्च होगा राज्य सरकार अपने दम पर करेगी।यह होगा स्मार्ट सिटी में- प्रमुख स्थानों पर मुफ्त वाईफाई की सुविधाएं दी जाएगी- शहर के पुराने क्षेत्रों को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा- बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी- शहरों में जरूरत के आधार पर आधुनिक बस स्टाप बनाए जाएंगे- स्मार्ट सिटी वाले शहरों में 24 घंटे जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी- शहर के सभी घरों में सीवर के कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे- घनी आबादी वाले शहरों की सड़कें चौड़ी की जाएंगी- कूड़ा इधर-उधर न फेंका जाए इसके लिए डस्टबिन रखाए जाएंगे- मुख्य मार्गों के किनारे सौंदर्यीकरण के लिए गमले रखाए जाएंगे और पौधे लगाए जाएंगे- शहरों में और बेहतर सुधार के लिए लोगों के सुझाव भी लिए जाएंगेकेंद्र से 10 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का पैसाकेंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के 10 शहरों लखनऊ, प्रयागराज, झांसी, कानपुर नगर, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद व वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पैसा दे रही है। इन शहरों में स्मार्ट सिटी के लिए होने वाले कामों के लिए केंद्र सरकार अब तक 1230 करोड़ रुपये दे चुकी है। राज्य सरकार ने इसमें अपना हिस्सा 590 करोड़ रुपये और दिया है।जिला मुख्यालय में माडल पार्कराज्य सरकार इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर एक माडल पार्क बनाने जा रही है। इस पार्क में बच्चों के लिए अच्छे झूले, बड़ों के लिए ओपेन जिम और जागिंग ट्रैक बनाए जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इसके लिए अनुपूरक बजट में 100 करोड़ रुपये की मांग की है। प्रदेश के 75 जिलों में 60 जिले केंद्र सरकार की अमृत योजना में हैं। इन जिलों में अमृत योजना से माडल पार्क बनाए जाएंगे और शेष 15 जिलों में राज्य सरकार अपने खर्च पर माडल पार्क बनाएगी। इन चुनौतियों से पार पाना होगाकूड़ा निस्तारण की समस्या : शहर में कूड़ा निस्तारण प्रमुख समस्या है। नगर निगम के पास कूड़ा डंप करने के लिए स्थाई जमीन नहीं है। लीज पर जमीन लेकर कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। कूड़ा डाले जाने का लोग विरोध कर रहे हैं।ड्रेनेज की समस्या : शहर में जल निकासी और सीवर की समस्या है। जल निकासी नहीं होने से सड़कों पर पानी भरा रहता है। ऐसे में सड़कें खराब हो रही है। सीवर लाइन का पानी भी सड़कों पर ही भरा रहता है।नालों में डाला जा रहा सीवरेज पानी : नगर निगम के तीन ही एसटीपी है। लेकिन यह शहर के लिए पर्याप्त नहीं माने जाते क्योंकि शहर से निकलने वाले सीवरेज पानी को शुद्ध नहीं कर पाते। इस कारण सीवरेज पानी ही नदी-नालों में डाला जा रहा है। इस तरफ अभी तक कोई ध्यान ही नहीं दिया गया।वर्जनसरकार ने गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने पर काम शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों की मदद लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी।-दिनेश चंद्र, नगर आयुक्त

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Ghaziabad will build smart city