
नई व्यवस्थाओं से अपराध में 17 फीसदी कमी का दावा
गाजियाबाद पुलिस ने अपराध में 17 फीसदी की कमी का दावा किया है। पुलिस आयुक्त ने साक्ष्य-आधारित विवेचना प्रणाली और वादी संवाद नीति को इसका श्रेय दिया है। नए उपायों से जनसुनवाई में कमी और पुलिस की जवाबदेही में सुधार हुआ है। महिला संबंधी अपराधों में भी कमी आई है, जिससे जनता का भरोसा बढ़ा है।
गाजियाबाद। पुलिस अधिकारियों ने रिपोर्ट कार्ड जारी कर कुल अपराध में 17 फीसदी की कमी आने का दावा किया है। उन्होंने इसका श्रेय साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली और वादी संवाद जैसी नई नीतियों को दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्थाओं ने जनसुनवाई, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी विवेचना को नई दिशा दी है। पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने कहा कि नई नीतियों के लागू होने के बाद जांच प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और विवेचक अब साक्ष्यों के आधार पर तेजी से निस्तारण कर रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगी है और पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के सीधे परिणाम जनशिकायतों में आई कमी, आईजीआरएस रैंकिंग में सुधार और फीडबैक सैल में प्राप्त शिकायतों के न्यूनतम स्तर पर देखने को मिले हैं। वहीं, रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक जनसुनवाई संबंधी शिकायतों में भी बड़ी कमी देखने को मिली है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जून 2025 में जहां 1844 शिकायतें दर्ज हुई थीं, वहीं अक्तूबर माह में यह संख्या घटकर 1067 रह गई। पुलिस आयुक्त का दावा है कि यह गिरावट आमजन की बढ़ती संतुष्टि का संकेत है। आईजीआरएस रैंकिंग में थानों की छलांग, नकारात्मक प्रतिक्रिया घटी कमिश्नरेट के आंकड़ों के मुताबिक साक्ष्य-आधारित विवेचना प्रणाली लागू होने के बाद आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जून 2025 में जहां केवल दो थाने प्रदेश भर में नंबर-वन रैंक पर आए थे, वहीं अक्तूबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 15 हो गई। इसके अलावा फीडबैक सेल में भी शिकायतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में पुलिसकर्मियों के खिलाफ जहां 11 नकारात्मक प्रतिक्रिया आई थीं, वहीं 15 नवंबर तक केवल एक नकारात्मक प्रतिक्रिया ही सामने आई। महिला संबंधी अपराध घटे पुलिस आयुक्त के मुताबिक कुल अपराधों में कमी के साथ-साथ महिला संबंधी अपराधों में भी सुधार दर्ज हुआ है। वादी संवाद दिवस के जरिये पीड़ित पक्ष की समस्याओं को सीधे सुनने और त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों में भरोसा बढ़ा है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साक्ष्य-आधारित विवेचना और वादी संवाद नीति के चलते प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता आई है। जनता का भरोसा बढ़ा है और कानून-व्यवस्था पहले की तुलना में और अधिक मजबूत हुई है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि यदि इसी गति से सुधार जारी रहा तो आने वाले समय में कमिश्नरेट की अपराध स्थिति और भी बेहतर होगी।

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