जिले में आधुनिक पशु अस्पताल बनाने की तैयारी
- पशु विभाग अस्पताल के लिए भूमि की तलाश में जुटा - पशु मंत्री

गाजियाबाद, मोहित शर्मा। जिले में पशुपालकों को बेहतर और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पशु अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद पशु विभाग इसके लिए भूमि की तलाश में जुट गया है। अस्पताल बनने के बाद पशुओं के इलाज के साथ उनकी सर्जरी भी हो सकेगी। अस्पताल के लिए भूमि चिह्नित होने के बाद विभाग प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा, इसके बाद अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। जनपद में पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर है। अस्पताल में पशुओं के इलाज के साथ जांच, ऑपरेशन और अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे जिले के हजारों पशुपालकों को लाभ मिलेगा। पशु अस्पताल बनाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभाग को अस्पताल निर्माण के लिए भूमि तलाशने के निर्देश दिए थे। मंत्री के निर्देशों के बाद अस्पताल बनाने के लिए भूमि की तलाश में जुट गया है। विभागीय अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी भूमि का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि अस्पताल निर्माण के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक स्थान का चयन किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के लिए ऐसी भूमि की तलाश की जा रही है, जहां पशुपालकों की पहुंच आसान हो और भविष्य में अस्पताल के विस्तार की भी संभावना बनी रहे। इसके अलावा अस्पताल परिसर में आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पशुओं के भर्ती वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, जांच प्रयोगशाला और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए जगह उपलब्ध होना भी जरूरी है。
अपने जिले में ही पशुओं को अच्छा इलाज मिल सकेगा
अभी जिले में संचालित होने वाले पशु अस्पतालों में सामान्य उपचार की सुविधा तो है, लेकिन गंभीर बीमारियों और ऑपरेशन के लिए पशुपालकों को अन्य जनपद मेरठ या बड़े संस्थानों का रुख करना पड़ता है। आधुनिक पशु अस्पताल बनने के बाद ऐसी समस्याओं से राहत मिलेगी। पशुओं की विभिन्न बीमारियों का इलाज एक ही स्थान पर हो सकेगा। इस अस्पताल के बनने के बाद पशुपालकों को अपने ही जिले में आधुनिक सुविधाओं के लैस अस्पताल की सुविधा मुहैया हो सकेगी।
जिले में दूध का उत्पादन बढ़ेगा
जिले में एक आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनने से पशुपालकों को पशु का पालन करने में आसानी होगी, साथ ही जिले में पशुपालन का दायरा भी बढ़ेगा। जनपद में पशुपालन बढ़ने से दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा। अभी तक जिले में दूध की किल्लत के चलते लोगों को पैकेट वाले दूध या पाउडर वाले दूध पर निर्भर रहना पड़ता है। जिले में डेयरी व्यवसाय और पशुपालन से जुड़े लोगों को अस्पताल बनने से सीधा लाभ होगा। पशुपालकों का कहना है कि यदि जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल स्थापित होता है तो उन्हें पशुओं के उपचार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
वर्जन
अस्पताल के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके पूरी होने के बाद अस्पताल की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जिसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
- डॉक्टर एसपी पांडेय, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी
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