फर्जी विवाह और मृत्यु प्रमाण पत्र से प्लॉट हड़पने का आरोप
गाजियाबाद में एक विधवा महिला ने अदालत के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि उन्होंने उसके दिवंगत पति के नाम से फर्जी विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर संपत्ति हड़पने की कोशिश की। पुलिस जांच कर रही है।

-विधवा महिला ने छह लोगों पर बीमार पति के नाम से दो फर्जी विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कराने का दावा किया -शिकायत पर आरोपी महिला के नाम हुआ नामांतरण निरस्त हुआ, कोर्ट के आदेश पर विजयनगर थाने में मुकदमा दर्ज
मामले का विवरण
गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। लखनऊ निवासी महिला ने अदालत के आदेश पर विजयनगर थाने में छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने उनके दिवंगत पति के नाम की संपत्ति पर कब्जाने के लिए फर्जी विवाह पंजीकरण और मृत्यु प्रमाण पत्र के अलावा परिवार सदस्य प्रमाण पत्र तैयार किए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत की प्रक्रिया
लखनऊ के एल्डिको ग्रींस गोमतीनगर में रहने वाली अनिता मिश्रा ने अदालत में दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि उनके पति हरिशंकर मिश्रा उत्तर प्रदेश सरकार में प्रशासनिक पद पर कार्यरत थे। उनके नाम नोएडा सेक्टर-62 में भूखंड आवंटित था। बीमारी और लिवर खराब होने के चलते उनकी देखरेख के लिए शिव शिखा नाम की महिला को रखा गया था। आरोप है कि इसी दौरान शिव शिखा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने की साजिश रची। आरोपियों ने विवाह पंजीकरण अधिकारी कार्यालय सदर पंचम, गाजियाबाद से दो अलग-अलग विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कराए गए। एक प्रमाण पत्र में शादी की तारीख 15 जनवरी 2019 और दूसरे में एक मार्च 2024 दर्शाई गई। दोनों में विवाह स्थल कम्युनिटी सेंटर विजयनगर दिखाया गया। महिला का आरोप है कि जिन तारीखों में यह प्रमाण पत्र जारी हुए, उस समय उनके पति गंभीर रूप से बीमार थे और चलने-फिरने की स्थिति में भी नहीं थे। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति को उनके पति के रूप में पेश कर दस्तावेज तैयार कराए गए।
नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई
शिकायत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने नामांतरण निरस्त किया
पीड़िता के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नोएडा प्राधिकरण में भूखंड के नामांतरण के लिए आवेदन किया गया और चार दिसंबर 2024 को शिव शिखा के नाम नामांतरण भी कर दिया गया। हालांकि बाद में शिकायत होने पर नोएडा प्राधिकरण ने 23 दिसंबर 2024 को नामांतरण निरस्त कर दिया। इसके अलावा दिल्ली सरकार के नंदनगरी डीसी कार्यालय से जारी परिवार सदस्य प्रमाण-पत्र भी शिकायत के बाद निरस्त कर दिया गया। अनिता मिश्रा का कहना है कि आरोपी अब सेक्टर-66 स्थित एक अन्य प्लॉट को भी फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने की फिराक में हैं। पूरे मामले में कई सरकारी विभागों में फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल किए गए हैं, जिनकी पुलिस जांच जरूरी है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर अदालत जाना पड़ा
पीड़िता का आरोप है कि विजयनगर थाने में शिकायत देने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने नौ फरवरी 2026 को पुलिस आयुक्त से भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय का कहना है कि अदालत के आदेश पर रामनगर कॉलोनी लाइनपार मुरादाबाद निवासी शिव शिखा, साहिबाबाद के गांव भोवापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार और अलीगढ़ के गांव कौल निवासी विनोद कुमार के अलावा अजब चौधरी, मोहम्मद साजिद और अमित शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य प्रश्न
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