कंपनी का फर्जी बोर्ड प्रस्ताव बनाकर प्लॉट हड़पा
राजनगर एक्सटेंशन में 200 वर्ग मीटर के प्लॉट को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने बिना भुगतान के बैनामा कराया। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी की और कंपनी ने इसे अस्वीकार किया।

-राजनगर एक्सटेंशन में 200 वर्ग मीटर के प्लॉट को लेकर फर्जीवाड़े का आरोप, कंपनी ने भी बैनामा फर्जी बताया -बिना भुगतान किए 28.43 लाख रुपये का प्रतिफल दिखाकर बैनामा कराया, मां-बेटे समेत चार पर मुकदमा दर्ज
गाजियाबाद, योगेन्द्र सागर। राजनगर एक्सटेंशन में स्थित एक आवासीय प्लॉट को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने कंपनी का फर्जी बोर्ड प्रस्ताव और अनुमति-पत्र तैयार कर सब रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारियों को गुमराह किया और वास्तविक भुगतान के बिना प्लॉट का बैनामा करा लिया। पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद सिहानी गेट पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शिकायत का विवरण
रेलवे कॉलोनी दीनदयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली के महावत खान रोड निवासी अमित शर्मा ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने राजनगर एक्सटेंशन के ग्राम मोरटा स्थित बाहुबली एनक्लेव में 200 वर्ग मीटर का प्लॉट जमीन मैसर्स लक्ष्मी नारायण फिनसोल प्राइवेट लिमिटेड से 13 मार्च 2026 को बैनामे के माध्यम से खरीदा था। 22 अप्रैल 2026 को वह प्लॉट की बाउंड्री कराने मजदूरों के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान चार लोग मौके पर पहुंचे और मजदूरों के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया। आरोपियों ने दावा किया कि प्लॉट उनकी मां ओमवती त्यागी के नाम है। अमित शर्मा के मुताबिक जब उन्होंने आरोपियों से दस्तावेज मांगे तो उन्होंने ओमवती त्यागी के नाम का बैनामा दिखाया। इसके बाद उन्होंने संबंधित कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि ओमवती त्यागी के नाम कोई वैध बैनामा नहीं किया गया है और न ही कंपनी को किसी प्रकार की भुगतान राशि प्राप्त हुई है।
आरोपियों की गतिविधियाँ
अमित शर्मा का कहना है कि ओमवती त्यागी, उनका बेटा संदीप और उनके साथी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करते हैं। आरोप है कि कंपनी का फर्जी बोर्ड प्रस्ताव बनाकर संदीप को अधिकृत हस्ताक्षरी दर्शाया गया और उसी आधार पर 12 जनवरी 2022 को फर्जी रजिस्ट्री करा ली गई। दस्तावेज में 28 लाख 43 हजार रुपये का प्रतिफल भी दर्शाया गया, जबकि वास्तविक लेन-देन नहीं हुआ। पीड़ित का कहना है कि फर्जी बैनामे में बागपत निवासी दिनेश कुमार और मुरादनगर निवासी भूषण त्यागी को गवाह बनाया गया। उन्होंने आरोपियों पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए गुमराह करने का भी आरोप लगाया है। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि 15 मई को ओमवती त्यागी, उनके बेटे संदीप, दिनेश कुमार और भूषण त्यागी के खिलाफ सिहानी गेट थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।


