नमूने पास कराने के नाम पर रकम मांगने का आरोप
गाजियाबाद के मसूरी थानाक्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के रूप में एक गिरोह ने पैकेट बंद पेयजल बनाने वाली कंपनी से धन की मांग की। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

गाजियाबाद, योगेन्द्र सागर। मसूरी थानाक्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का अधिकारी बनकर सैंपल पास कराने के नाम पर पैकेट बंद पेयजल बनाने वाली कंपनी से अवैध धन मांगने का मामला सामने आया है। कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी के मुताबिक एक गिरोह खुद को खाद्य सुरक्षा विभाग का कर्मचारी बताकर सैंपल पास कराने के बदले कारोबारियों से रुपये वसूलने का प्रयास कर रहा है। शिकायत पर मसूरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उद्योग विहार स्थित मैसर्स प्रतिभा प्यारे ड्रिंक्स एलएलपी के अधिकृत हस्ताक्षरी मुकेश अग्रवाल ने मसूरी थाने में शिकायत देकर बताया कि नौ जनवरी 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवांश चतुर्वेदी ने उनकी फैक्टरी से जांच के लिए पैकेट बंद पानी के नमूने लिए थे। इसके बाद 13 मार्च को कंपनी के मालिक ईशान कुमार के व्हॉट्सऐप नंबर पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से संदेश भेजा गया। उसमें पानी के सैंपल फेल होने का हवाला देते हुए तत्काल संपर्क करने को कहा गया। मुकेश अग्रवाल के मुताबिक जब संबंधित नंबर पर फोन किया गया तो बात करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम विजय कुमार बताया। उसने दावा किया कि वह खाद्य सुरक्षा विभाग में कार्यरत है और कंपनी के पानी के सैंपल फेल हो गए हैं। उसने कहा कि वह सैंपल को पास करा सकता है, लेकिन इसके बदले कुछ रुपये देने होंगे.
जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया
मुकेश अग्रवाल का आरोप है कि बाद में जानकारी करने पर पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का कर्मचारी नहीं है। वह और उसके साथी फर्जी अधिकारी बनकर खाद्य पदार्थों के कारोबारियों को सैंपल फेल होने का डर दिखाकर पैसे ऐंठने का काम करते हैं। इसके बाद उन्होंने मसूरी थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एसीपी मसूरी सुनील कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर तीन अगस्त को देवांश चतुर्वेदी और विजय कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जा रही है.
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